जशपुर जिला का समग्र शिक्षा मिशन के द्वारा प्रभारी मंत्री माननीय उमेश पटेल के आदेश की धज्जियां उड़ाया रहा है इस विभाग के अधिकारियों की स्वेक्षाचारिता चरम पर है आप सोच सकते हैं माननीय उमेश पटेल जिले के प्रभारी मंत्री के साथ साथ छतीसगढ़ शासन में तकनीकी शिक्षा ,उच्च शिक्षा खेल एवम युवा कल्याण ,विज्ञान और प्रौद्योगिक विभाग ,कौशल विकास जन शक्ति योजना मंत्री है ऐसे में इनके द्वारा कार्यवाही करने के आदेश दिए जाने के बाद भी भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के बजाय अधिकारी आरोपी को संरक्षण देने में अपना शान समझ रहे हैं मामला पत्थलगांव विकासखंड के तिलडेगा संकुल समन्वयक द्वारा संकुल के शालाओं को सामग्री वितरण में गड़बड़ी कर समस्त सामग्री का बंदरबांट का है जिस पर प्रभारी मंत्री द्वारा कार्यवाही के निर्देश देने के एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी कार्यवाही ना करके आरोपी समन्वयक को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है कहा जा सकता है इस जिले में प्रशासन के सामने शासन बौना नजर आ रहा है तिलडेगा के शैक्षिक समन्वयक लक्ष्मण मिर्रे द्वारा शासन से प्राप्त स्वच्छता सामग्री एवं खेल सामग्री को शालाओं में वितरित ना करते हुए बंदरबांट किया गया है जिससे छात्रों को मिलने वाली सुविधा प्राप्त नहीं हो सकी तथा जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई एवं वरिष्ठ कार्यालय को गुमराह करते हुए समन्वयक को बचाने का प्रयास किया गया जिसका स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ जिले के प्रभारी मंत्री माननीय उमेश पटेल द्वारा मामले को लेकर कार्यवाही के निर्देश जिला के अधिकारियों को दिए गए किंतु कार्यवाही ना करके प्रभारी मंत्री के आदेश को शून्य घोषित किया गया है जिससे कहा जा सकता है जशपुर जिला भ्रष्टाचार की नई इबारत लिख रहा है जिले के संवेदनशील कलेक्टर से मामले की गंभीरता को देखते हुए छात्र हित में कार्यवाही करने की गुहार तिलडेगा संकुल के समस्त प्रधानपाठकों द्वारा लगाए गए हैं प्रधान पाठकों ने बताया कि उक्त समन्वयक के यह भ्रष्टाचार का पहला मामला नहीं है पूर्व में भी इनके द्वारा की गई अन्य कई भ्रष्टाचार की शिकायत की जा चुकी है किंतु हर बार मामले में लीपापोती कर उक्त समन्वयक को बचाया जाता रहा है




