
लैलूंगा क्षेत्र में गरज, चमक के साथ हुई तेज बारिश एवं ओलावृष्टि से दलहन, तिलहन व सब्जियों के फसलों को पहुंच सकती है नुकसान !

लैलूंगा :- इन दिनों फरवरी माह के बसंत ऋतु कि सर्द हवाओं के साथ – साथ संपूर्ण छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाएँ चलने लगी है । साथ ही साथ पिछले कई दिनों से घने बादल छाई हुई है, तथा दिनांक 27 फरवरी 2024 दिन मंगलवार को अचानक आंधी तुफान एवं गरज, चमक के साथ बेमौसम बारिश के साथ कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने से लैलूंगा क्षेत्र के कई गाँव के किसान भाईयों के द्वारा कि गई रवि फसल जैसे आलू, मटर, प्याज, लहसून, लौकी, कद्दू, टमाटर आदि सब्जियों कि फसलों को काफी नुकसान पहुंचने कि संभवना है । वहीं अचानक हुवे बेमौसम बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त सी हो गई है । पिछले कुछ महिने से अचानक ही मौसम खराब होने के साथ तुरंत बारिश हो जाती है । जिससे ठण्ड बढ़ने लग जाती है , तो कभी तिव्र धूप के कारण पारा बढ़ने लगाती है । जिसके कारण आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकुल असर पड़ने से सर्दी जुकाम सहित तेज बुखार व पतला दस्त होने कि संभावना बनी रहती है । लोगों को यह समझ में नही आती कि वे पानी से बचने के लिए छाते का इस्तेमाल करें या कि धूप से बचने के लिए करें । फिलहाल अचानक हुवे इस बरसात से लोग यदि सावधानी नही बरतेंगे तो स्वास्थ्य खराब होने कि और अधिक संभावना बनी रहेगी । अब यह देखना होगा कि ओलावृष्टि से कितने किसानों कि दलहन व तिलहन तथा सब्जियों कि फसलें खराब हुई है यह तो कृषि विभाग के नुमाइंदों के सर्वे रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा । बारिश थमने के कुछ मिनटों बाद ठण्ड बढ़ने से लोग बाग ठण्ड से बचने के लिए आग का सिगड़ी, गोरसी एवं आलाव का सहारा लेने लगे हैं क्योंकि ठण्ड ने लोगों कि चिंता बढ़ा दी है । कुछ दिनों तक अत्यधिक ठण्ड के रहने कि संभावना है ।







