रिपोर्ट ~ हीरालाल राठिया लैलूंगा

मंत्रोच्चार, मंगल गीत और जयघोष से गूंज उठा लैलूंगा… 30 बेटियों की विदाई बनी भावुक पल
लैलूंगा।
लैलूंगा में आयोजित मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना का भव्य आयोजन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। एक ही मंडप में 30 जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के बीच विवाह संपन्न कराया गया। आयोजन में गायत्री परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका देखने को मिली, जहां परिवार के सदस्यों ने माता-पिता समान भाव से सभी नवविवाहित जोड़ों का मार्गदर्शन कर पूरे माहौल को भक्तिमय और संस्कारमय बना दिया।
शादी समारोह में जैसे ही वैदिक मंत्र गूंजे, पूरा प्रांगण “जय गुरुदेव” और मंगल गीतों से गूंज उठा। हर तरफ खुशी, आशीर्वाद और भावुक पल देखने को मिले। बेटियों की विदाई के समय कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
देवतुल्य माहौल में हुआ सामूहिक विवाह
गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजनों और मातृशक्ति ने सभी वर-वधुओं को भारतीय संस्कृति, पारिवारिक जीवन और संस्कारों का संदेश देते हुए विवाह की सभी रस्में पूर्ण कराईं। आयोजन स्थल को आकर्षक तरीके से सजाया गया था, जहां हजारों लोगों की मौजूदगी ने माहौल को और भव्य बना दिया।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री कन्याविवाह योजना की सराहना करते हुए इसे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बताया।
“30 बेटियों की मुस्कान बनी आयोजन की सबसे बड़ी पहचान”
लैलूंगा में हुए इस सामूहिक विवाह आयोजन ने सामाजिक समरसता, संस्कार और सहयोग की अनोखी मिसाल पेश की। लोगों ने कहा कि यह सिर्फ विवाह नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक प्रेरणादायक आयोजन था।







