2020-21 में 95.94% रही पंक्चुअलिटी, 2023-24 में घटकर 45.44% पहुंची; अगस्त 2026 तक 54.38% दर्ज
ललित राठोड़ | रायपुर। एक रेल यात्री द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में रेलवे बोर्ड के कोचिंग निदेशालय ने देश के सभी 18 रेलवे जोन की ट्रेनों की उपलब्ध पंक्चुअलिटी के आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की ट्रेनों की समयबद्धता में पिछले कुछ वर्षों के दौरान उतार-चढ़ाव के साथ समग्र गिरावट दिखाई देती है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2020-21 में SECR की पंक्चुअलिटी 95.94 प्रतिशत थी, जो दिए गए दशक में सबसे अधिक रही। इसके बाद इसमें गिरावट दर्ज हुई और 2023-24 में यह घटकर 45.44 प्रतिशत रह गई। 2026-27 में अगस्त तक SECR की पंक्चुअलिटी 54.38 प्रतिशत दर्ज की गई है।
आरटीआई से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर 2026-27 में अगस्त तक देश के 18 रेलवे जोन में SECR की स्थिति 17वें स्थान पर बताई गई है।
2020-21 में सबसे बेहतर रहा प्रदर्शन
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की समयबद्धता के आंकड़ों में पिछले दस वर्षों के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, 2017-18 में SECR की पंक्चुअलिटी 80.06 प्रतिशत थी। 2018-19 में यह घटकर 54.91 प्रतिशत रह गई। इसके बाद 2019-20 में सुधार हुआ और यह आंकड़ा 76.11 प्रतिशत तक पहुंचा।
2020-21 में पंक्चुअलिटी 95.94 प्रतिशत रही, लेकिन इसके बाद फिर गिरावट का दौर देखने को मिला। 2023-24 में यह 45.44 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच गई। इसके बाद कुछ सुधार हुआ, लेकिन समयबद्धता अभी भी 2020-21 के स्तर से काफी नीचे है।
10 वर्षों में SECR की पंक्चुअलिटी
| वर्ष | पंक्चुअलिटी |
|---|---|
| 2017-18 | 80.06% |
| 2018-19 | 54.91% |
| 2019-20 | 76.11% |
| 2020-21 | 95.94% |
| 2021-22 | 79.12% |
| 2022-23 | 51.28% |
| 2023-24 | 45.44% |
| 2024-25 | 55.38% |
| 2025-26 | 59.34% |
| 2026-27 | 54.38% (अगस्त तक) |
समय पर स्टेशन पहुंचने के बाद भी करना पड़ रहा इंतजार
पंक्चुअलिटी में कमी का सीधा असर यात्रियों की यात्रा पर पड़ता है। निर्धारित समय से स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को कई बार ट्रेन के देरी से आने का इंतजार करना पड़ता है। लंबी देरी होने की स्थिति में यात्रियों की आगे की कनेक्टिंग ट्रेन छूटने जैसी समस्या भी सामने आती है।
रेलवे बोर्ड स्तर पर समयबद्धता सुधारने के लिए समीक्षा और निर्देश दिए जाने के बावजूद SECR में पंक्चुअलिटी के आंकड़ों में अपेक्षित स्थिरता नहीं दिखाई दे रही है।
अलग-अलग रेलवे जोन के आंकड़ों में बड़ा अंतर
आरटीआई से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 2026-27 में अगस्त तक अलग-अलग रेलवे जोन की पंक्चुअलिटी में काफी अंतर रहा।
उत्तर पश्चिम रेलवे की पंक्चुअलिटी 94.80 प्रतिशत, पश्चिम रेलवे की 94.10 प्रतिशत और दक्षिण रेलवे की 90.42 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं ईस्ट कोस्ट रेलवे की पंक्चुअलिटी 43.40 प्रतिशत बताई गई है।
इसी अवधि में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की पंक्चुअलिटी 54.38 प्रतिशत और दक्षिण पूर्व रेलवे की 54.18 प्रतिशत रही। आंकड़े बताते हैं कि विभिन्न जोन में ट्रेनों के समय पर संचालन की स्थिति एक जैसी नहीं है।
क्षमता से अधिक यात्री ट्रेनों के परिचालन का दावा
SECR में पंक्चुअलिटी प्रभावित होने के पीछे बढ़ते रेल यातायात को भी एक कारण बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार रायपुर मंडल में करीब 100 यात्री ट्रेनों के अनुरूप क्षमता होने के बावजूद प्रतिदिन लगभग 140 यात्री ट्रेनें संचालित हो रही हैं।
इसके अलावा इस रेल जोन में मालगाड़ियों का परिचालन भी बड़े पैमाने पर होता है। बताया गया है कि जोन में प्रतिदिन 250 से अधिक मालगाड़ियां संचालित होती हैं। SECR देश के प्रमुख कोयला परिवहन वाले रेल नेटवर्क में शामिल है।
यात्री और मालगाड़ियों के बढ़ते दबाव के साथ ट्रैक पर ट्रैफिक अधिक होने तथा विभिन्न स्थानों पर मेंटेनेंस ब्लॉक लिए जाने का असर ट्रेन परिचालन पर पड़ सकता है। ऐसे में यात्री ट्रेनों की समयबद्धता बनाए रखना परिचालन के लिए चुनौती बनता है।
रेलवे ने कहा- समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ शेख शमी उर रहमान ने बताया कि ट्रेनों की समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार मॉनिटरिंग और नियमित समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ट्रेनों के विलंब के कारणों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर आधारभूत संरचना से जुड़े कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।
रेलवे के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद आने वाले समय में ट्रेन परिचालन की दक्षता और समयबद्धता में सुधार होने की उम्मीद है।






