भिलाई स्टील प्लांट के बहुचर्चित स्क्रैप चोरी मामले की जांच अब CBI के हवाले

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गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना, पुरानी भिलाई थाने में दर्ज अपराध की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो करेगा; विधायक रिकेश सेन ने फैसले पर जताई प्रतिक्रिया

रायपुर/भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़े बहुचर्चित लोहा एवं स्क्रैप चोरी मामले में अब जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग ने मामले की जांच CBI से कराने का निर्णय लेते हुए इसके लिए औपचारिक सहमति प्रदान कर दी है। इससे पहले मामले की जांच दुर्ग जिला पुलिस द्वारा की जा रही थी।

यह मामला दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 277/2026 से संबंधित बताया गया है। राज्य शासन की सहमति के बाद दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टेब्लिशमेंट (DSPE) के तहत CBI अधिकारियों को मामले की जांच के लिए छत्तीसगढ़ में आवश्यक अधिकार और क्षेत्राधिकार प्रदान किया गया है।

कई गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला

पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। एफआईआर में धारा 303(2), 317(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2), 111, 112, 61(2)(क) और 3(5) शामिल हैं।

CBI को जांच सौंपे जाने के बाद अब मामले से जुड़े दस्तावेज, अब तक की पुलिस जांच, गिरफ्तार आरोपियों से संबंधित जानकारी और अन्य साक्ष्यों को केंद्रीय एजेंसी द्वारा अपने स्तर पर जांच के दायरे में लिया जाएगा।

राज्य पुलिस की जांच के बाद CBI को सौंपी गई जिम्मेदारी

अब तक दुर्ग पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र परिसर से कथित तौर पर स्क्रैप चोरी कर उसे बाहर भेजने और अलग-अलग माध्यमों से खपाने से जुड़े नेटवर्क का खुलासा होने की बात सामने आई थी।

राज्य सरकार द्वारा मामले की जांच CBI को सौंपने के बाद अब केंद्रीय एजेंसी पूरे प्रकरण की जांच अपने स्तर पर आगे बढ़ाएगी। इसमें चोरी किए गए स्क्रैप की सप्लाई, परिवहन, खरीदारों, बिचौलियों और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा सकती है।

रायपुर की कंपनी तक पहुंचा था चोरी का स्क्रैप

मामले की अब तक की पुलिस जांच के अनुसार, भिलाई इस्पात संयंत्र से कथित तौर पर चोरी किया गया लौह स्क्रैप रायपुर स्थित एक पावर एवं स्टील कंपनी और उससे जुड़े लोगों तक पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई थी।

इस मामले में कंपनी के एमडी और डायरेक्टरों समेत कई लोगों की गिरफ्तारी की बात कही गई है। पुलिस ने अलग-अलग चरणों में 21 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी थी।

गिरफ्तार किए गए लोगों में कथित तौर पर प्लांट से स्क्रैप निकालने वाले लोग, वाहन चालक, बिचौलिए तथा स्क्रैप खरीदने वाली कंपनियों से जुड़े अधिकारी और डायरेक्टर शामिल हैं।

संगठित नेटवर्क की भूमिका की भी जांच

मामले को केवल स्क्रैप चोरी तक सीमित न मानते हुए जांच के दौरान कथित रूप से जुड़े व्यापक नेटवर्क की पड़ताल की जा रही थी। पुलिस जांच में विभिन्न स्थानों और कारोबारियों के बीच कथित संपर्क सामने आने के बाद प्रकरण की जांच का दायरा बढ़ा था।

अब CBI के हाथों में जांच आने के बाद यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कथित चोरी की पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित होती थी, स्क्रैप प्लांट से बाहर कैसे पहुंचता था और इसके बाद किन माध्यमों से इसकी बिक्री या खपत की जाती थी।

विधायक रिकेश सेन ने दी प्रतिक्रिया

CBI जांच का निर्णय सामने आने के बाद भिलाई वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन ने वीडियो जारी कर इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी और शहरवासियों को बधाई दी।

अब मामले की आगे की जांच CBI द्वारा की जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर प्रकरण में आगे की कार्रवाई तय होगी।

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
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