आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण, दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य और सड़क निर्माण विभाग मिलकर करेंगे कार्रवाई
रायगढ़, 14 अक्टूबर 2026। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और हादसों के वास्तविक कारणों की पहचान करने के लिए अब आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके माध्यम से दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
इसी उद्देश्य से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार परिवहन विभाग ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों ने दुर्घटनाओं के आंकड़ों के विश्लेषण और सड़क हादसों की रोकथाम के उपायों की जानकारी दी।
‘संजय’ डिजिटल प्लेटफॉर्म से समझेंगे दुर्घटनाओं के कारण
प्रशिक्षण में बताया गया कि ‘संजय’ डिजिटल प्लेटफॉर्म आईआरएडी से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों को समझने में मदद करता है। इसके माध्यम से दुर्घटना होने के समय, महीने, प्रकार, प्रमुख कारणों तथा मृतकों और घायलों की आयु से संबंधित जानकारी का अध्ययन किया जा सकता है।
आंकड़ों के विश्लेषण से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किन स्थानों पर और किन परिस्थितियों में अधिक दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसी आधार पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम तय किए जा सकेंगे।
मौजूदा और संभावित ब्लैक स्पॉट की होगी पहचान
आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञ हेमेन्द्र शर्मा ने बताया कि दुर्घटनाओं से जुड़े आंकड़ों का व्यवस्थित विश्लेषण कर मौजूदा ब्लैक स्पॉट के साथ उन स्थानों की भी पहचान की जा सकती है, जहां भविष्य में सड़क हादसों की आशंका अधिक है।
ऐसे स्थानों पर समय रहते सड़क की स्थिति, यातायात व्यवस्था और अन्य जरूरी पहलुओं में सुधार कर दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान ‘संजय’ प्लेटफॉर्म की प्रमुख सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। इनमें डिस्ट्रिक्ट रोड सेफ्टी कमेटी ट्रैकर, फील्ड परसेप्शन सर्वे और ट्रामा केयर प्रिपेयर्डनेस लेवल शामिल हैं। इन सुविधाओं के जरिए सड़क सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का आकलन और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा की जा सकेगी।
विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य और सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद संबंधित विभागों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर उनका ‘संजय’ प्लेटफॉर्म पर पंजीयन किया जाएगा। इसके बाद नोडल अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का पंजीयन कर सकेंगे।
इस व्यवस्था से दुर्घटनाओं से संबंधित जानकारी के संकलन, आंकड़ों के विश्लेषण और सुधारात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह बघेल, डिप्टी कलेक्टर शिल्पा भगत, जिला परिवहन अधिकारी गौरव साहू, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, डीआरएम एनआईसी दुर्गा प्रधान सहित विभिन्न सड़क निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।











