Dharamjaigarh Panchayat News: वेंडर के बिल में ईंट, सीमेंट, बालू और गिट्टी की आपूर्ति का उल्लेख, लेकिन निर्माण स्थल पर सामग्री नदारद; सरपंच पति ने बारिश के कारण काम रुकने की बात कही
धरमजयगढ़। जनपद पंचायत धरमजयगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत ससकोबा में नाली निर्माण के नाम पर सरकारी राशि के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही मई माह में वेंडर को भुगतान कर दिया गया, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी मौके पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। वहीं संबंधित वेंडर के बिल में ईंट, सीमेंट, बालू, बोल्डर और गिट्टी जैसी निर्माण सामग्री की आपूर्ति का उल्लेख होने के बावजूद निर्माण स्थल पर सामग्री दिखाई नहीं देने की बात सामने आई है। ऐसे में भुगतान, सामग्री आपूर्ति और निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति को लेकर जांच की मांग उठने लगी है।
मई में भुगतान, बिल में सामग्री आपूर्ति का उल्लेख
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत ससकोबा में नाली निर्माण के लिए मई माह में ही संबंधित वेंडर को राशि का भुगतान किया गया था। वेंडर की ओर से जारी बिल में निर्माण कार्य के लिए ईंट, सीमेंट, बालू, बोल्डर और गिट्टी जैसी सामग्री उपलब्ध कराने का उल्लेख भी किया गया है।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य स्थल पर अब तक काम शुरू होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। मौके पर आवश्यक निर्माण सामग्री भी नजर नहीं आने की बात कही जा रही है। इससे सवाल उठ रहे हैं कि यदि सामग्री की आपूर्ति वास्तव में की गई थी तो वह कहां रखी गई है? क्या पंचायत को सामग्री मिली थी या केवल दस्तावेजों में ही आपूर्ति दर्शाई गई? सामग्री का भौतिक सत्यापन किस स्तर पर किया गया?
सरपंच पति ने बारिश को बताया निर्माण में देरी का कारण
मामले को लेकर जब ग्राम पंचायत के सरपंच से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो फोन पर सरपंच पति अनिल राठिया से बातचीत हुई। उन्होंने राशि का आहरण किए जाने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि बारिश के कारण नाली निर्माण नहीं हो पाया। उनका कहना था कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य करा दिया जाएगा।
हालांकि, इस जवाब के बाद भी कई सवाल बने हुए हैं। यदि मई माह में ही राशि का भुगतान कर दिया गया था तो समय रहते निर्माण कार्य क्यों शुरू नहीं कराया गया? बरसात के मौसम की संभावना पहले से होने के बावजूद काम पूरा कराने की पहल क्यों नहीं की गई? वहीं बिल में सामग्री आपूर्ति दर्ज होने के बावजूद मौके पर सामग्री उपलब्ध नहीं होने की स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत है।
भुगतान और सामग्री आपूर्ति की जांच जरूरी
पंचायतों में विकास कार्यों के लिए जारी सरकारी राशि का उद्देश्य ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे कार्यों में भुगतान, सामग्री की खरीद और निर्माण की प्रगति के बीच पारदर्शिता तथा जवाबदेही बेहद जरूरी है।
ससकोबा पंचायत का मामला अब इन्हीं पहलुओं को लेकर चर्चा में है। ग्रामीणों के बीच भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होने और सामग्री आपूर्ति के दावों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में भुगतान से संबंधित दस्तावेजों, वेंडर के बिल, सामग्री की आपूर्ति और निर्माण स्थल की वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष भौतिक सत्यापन आवश्यक है।
फिलहाल ससकोबा में नाली निर्माण का इंतजार जारी है। मई में हुए भुगतान और बिलों में दर्ज सामग्री आपूर्ति की वास्तविकता सामने लाने के लिए प्रशासनिक जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी राशि का उपयोग नियमानुसार हुआ है या नहीं और निर्माण कार्य अब तक अधूरा क्यों है।











