राजीव गांधी शिक्षा मिशन जशपुर में जंगलराज हावी

बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता पर कार्य करने हेतु राजीव गांधी शिक्षा मिशन की नींव रखी गई थी,किंतु जशपुर में यह भ्र्ष्टाचार मिशन बनकर रह गया है।
मामला जशपुर जिले के पत्थलगांव विकाश खण्ड का है जहां पर भ्र्ष्टाचार करने के बाद फर्जी कागज के सहारे क्लीनचिट मिलना आम हो गया है। ताज़ा मामला यहां के तिलडेगा संकुल में स्वच्छता एवं खेल सामग्री में भ्र्ष्टाचार का है,संकुल के शालाओं में जहां इस वर्ष 03 बार सामग्री का वितरण किया जाना था,किंतु प्रधानपाठकों के विरोध एवं समाचार प्रकाशित होने के बाद 29 मार्च 2023 को आनन फानन में आधा अधूरा सामग्री वितरण करके 04 फरवरी की स्थिति में प्रधानपाठकों से दबावपूर्वक पावती प्राप्त किया गया है।जिसे आधार मानकर सारे मामले में पर्दा डालते हुए क्लीनचिट देने की तैयारी कर ली गई है।इस सारे मामले में प्रधानपाठकों ने आरोप लगया है कि बिना जांच किए ही किस प्रकार मामले में क्लीनचिट दिया जा रहा है प्रधानपाठकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जांच होगी तब हम लोग बोलने को तैयार हैं कि 29 मार्च 2023 को एक बार सामग्री देकर तीन तीन हस्ताक्षर लिए गए हैं वह भी 04 फरवरी 2023 की स्थिति में। सारे मामले में फर्जी सबूत के सहारे लीपा पोती की कवायद शुरू हो चुकी है,जिसकी आशंका थी वह सही होता प्रतीत हो रहा है।
प्रभारी मंत्री से हुई शिकायत
सामग्री वितरण में गड़बड़ी की शिकायत जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री उमेश पटेल से भी की गई है,जहां उनके संज्ञान में आते ही भ्र्ष्ट कर्मचारी पर कार्यवाही का भरोसा दिलाया है।पत्थलगांव के अनुविभागीय अधिकारी (रा.) ने भी सारे मामले को संज्ञान में लिया है एवं जांचकर कार्यवाही करने की बात कही है।
प्रधानपाठकों को गलत साबित करने में लगे समन्वयक
प्रधानपाठकों का आरोप है कि शैक्षिक समन्वयक अपना बचाव करने के लिए हमलोगों को गलत साबित कर रहे हैं यदि हम फरवरी माह में सामग्री प्राप्त हुई होती तो मीडिया में सामग्री नही मिलने का बयान मार्च महीना में क्यों देते यहां पर समन्वयक की सारी गलती है और हम कारवाही की मांग करते है।



