छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के द्वारा स्वामी आत्मानंद स्कूल तो खुलवाया मगर चुनाव के खातिर २०२४ चुनाव के लिए पैसा वसूल वाया







जिले के दूरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहार पुर के अंतर्गत आने वाले चांदनी बिहार पुर भूपेश सरकार के शासनकाल में स्वामी अपना बिहार पुर में स्कूल खुलवाया गया जिसे इंग्लिश मीडियम लिखें ग्रामीणों में भारी उत्साह आई क्षेत्र गरीब परिवारों ने सोचा कि हमारी सरकार एक नंबर की है कम से कम मेरे गरीब परिवार के बच्चे इंग्लिश पढ़ने जान जाएंगे पर ऐसा हुआ नहीं
जानिए पूरी खबर
पंचायत मंत्री से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक रहे टी एस सिंह देव महाराज आज बने उप मुख्यमंत्री लगता है कि राज्य का मुख्यमंत्री बनते ही ग्रामीण क्षेत्र के शिकार करने वाले को राजा महाराजा ने भूल गए आज गरीब किसानों की नहीं हो रही है एडमिशन
स्वामी आत्मानंद से लेकर कन्या स्कूल चांदनी बिहार पुर मैं दोनों प्रभार को सौंपा गया हैअरुण राठौर को पर राठौर साहब को नहीं चलती है 1सुपरवाइजर की वजह से कहना एडमिशन के लिए कहना पड़ता है बड़ा बाबू नवनीत से एडमिशन के लिए दर-दर भटक रहे हैं लोग स्वामी आत्मानंद आज पिछले 3 महीने से पूछा जाए तो कुछ ग्रामीणों ने बताया कि किसी बच्चे का भी एडमिशन करवाना हो तो 10000 लेकर आइए एडमिशन हो जाएगा इतना तक नहीं जिला अधिकारी जिला पंचायत की गाड़ी लेकर घूम के चमकाते हैं गांव में यही स्थिति है ग्रामीण शिक्षा विभाग की स्कूल के बगल में रहने वाले अभिभावक एक नहीं चार चार बार एडमिशन के लिए कूदे पर नहीं हुई उनकी एडमिशन यहां तक की पूरी रिकॉर्ड जमा करने के बाद भी वैसे तकलीफ में एक घर में चार आदमी का नहीं हुआ एडमिशन 40000 कहां पाएगा गरीब आदमी यह छत्तीसगढ़ राज सरकार की खेला
कुछ महीने की बात है यहां के प्रिंसिपल राठौर सर बड़ा भ्रष्टाचारी मिलीभगत से अभी कुछ सहायका लोगों की भर्ती की गई थी जिसमें 10000 लेकर पात्र किया गया जिसका पैसा नहीं हुआ उसका अपात्र हुआ ऐसे गुरु एक गुरु घंटाल राठौर साहब इनको तो सावन का महीना आया है बाबा धाम भेजना चाहिए कुछ सुधार आ जाए क्योंकि इनकी बच्चे नहीं है दूसरे बच्चों से भविष्य करवा कर रहे हैं ऐसे नेता मंत्री विधायक अधिकारियों कर्मचारी जो बच्चे से खिलवाड़ करें ऊपर वाले भी उनको बर्दाश्त नहीं करेगा चाहिए जो भविष्य खेल रहे हैं ₹10000 लेकर कुछ सहायता कर्मियों को नौकरी मिल गई उस बात पर क्षेत्र पर ग्रामीण खुश है मगर राज्य सवाल अरुण कुमार राठौर उनकी सहयोगी पात्र अपात्र का फाइल निकाल कर देवें नहीं तो होगी आत्मा स्कूल सहित कन्या स्कूल में हड़ताल
समझने की बात यह तो है कि मंत्री से मुख्यमंत्री बन सकते हैं पर ऐसा नहीं हुआ था की चपरासी से प्रिंसिपल का बाल घने
इस बात को ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम वासियों ने इसका जानकारी लेने गया तो वहां के कर्मचारियों ने बैठ कर मौज-मस्ती उड़ा रहे थे छोटे-छोटे बच्चे नाजुक कीड़े मकोड़े बन रही आत्मानंद स्कूल की कांटे में घूम रहे थे बच्चों पढ़ाने के लिए स्कूल का पीरियड पूछा गया उपस्थित कर्मचारी देने को तैयार नहीं कर्मचारियों ने नहीं दिया बोला गया कि जो करना है कर लो जो चलता है राठौर का इस बात को लेकर ग्राम वासियों ने वापस हो गए
गौरतलब की बात यह है कि राजा साहब अपने धरातल धरती को चाहते हैं तो अपने राज को राज को संभालिए और तत्काल प्रभाव से जांच कर अनिल कपूर बनिए तब तो जाना जाएगा कि महाराज साहब हैं उसको 24 घंटे की मिली थी आपको तो 3 महीनों को मिली है तब क्षेत्र के ग्रामीणों को जीत सकते हैं दिल नहीं तो जाएंगे नाखुश दिल
यहां तक की बात है कि अंग्रेज जमाने में भी ऐसा नहीं होता था कि बच्चों का एडमिशन ना हो एडमिशन के लिए 20 lakh लगे मैंने सुना nahi था प्राइवेट में लगता था सरकारी में नहीं लगता इस देख कर बात करें Baba Maharaj aapko Kshetra wale chahte Hain per dharatal mein tatkal karakva hi honi chahie आत्मानंद स्कूल ने खुलवाया मगर चुनाव के खातिर २०२४ चुनाव के लिए पैसा वसूल वाया मऊ
जिले के दूरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहार पुर के अंतर्गत आने वाले चांदनी बिहार पुर भूपेश बघेल की पता करते हैं अरुण राठौर का कहना पड़ा नवनीत से एडमिशन के लिए दर-दर भटक रहे हैं लोग नाम को खुलवा स्वामी आत्मानंद आज पिछले 3 महीने से पूछा जाए तो कुछ ग्रामीणों ने बताया कि किसी बच्चे का भी एडमिशन करवाना हो तो 10000 लेकर आइए इतना तक नहीं जिला अधिकारी जिला पंचायत की गाड़ी लेकर घूम के चमकाते हैं गांव में यही स्थिति है ग्रामीण शिक्षा विभाग की स्कूल के बगल में चार चार आवेदन दिया गया एक घर में दो आदमी के छोड़ा गया यहां तक की द ₹10000 लेकर कुछ सहायता कर्मियों को नौकरी मिल गई उस बात पर क्षेत्र पर ग्रामीण सीसी खुश है मगर राज्य सवाल अरुण कुमार राठौर उनकी सहयोगी पात्र अपात्र का फाइल निकाल कर देवें नहीं तो होगी आत्मा स्कूल सहित कन्या स्कूल में हड़ताल
समझने की बात यह तो है कि मंत्री से मुख्यमंत्री बन सकते हैं पर ऐसा नहीं हुआ था की चपरासी से प्रिंसिपल का बाल घने
इस बात को ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम वासियों ने इसका जानकारी लेने गया तो वहां के कर्मचारियों ने बैठ कर मौज-मस्ती में उड़ा रहे थे बच्चे छोटे-छोटे बच्चे नाजुक अपने आपको ना संभालने वाले ग्राउंड के अंदर घूम रहे थे इसकी कोई परवाह नहीं था इसके बाद पर शायद पूछा गया तो बोले कि जो करना है कर लो शिक्षा विभाग से लेकर स्वास्थ्य विभाग में हो रही है लापरवाही या शायद में जाने की भूपेश बघेल है कि महाराजा साहब
गौरतलब की बात यह है कि टी एस सिंह देव बाबा अपनी कुर्सी बचाने के आप चाहते हैं तो तत्काल प्रभाव से जांच कर अनिल कपूर बनिए तब तो जाना जाएगा कि महाराज साहब हैं उसको 24 घंटे की मिली थी आपको तो 3 महीनों को मिली है







