



औचक निरीक्षण में बड़ा खुलासा!

जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार का एक्शन मोड
तोलमा के लारीपारा प्राथमिक शाला में दोनों शिक्षक गायब
अब सोशल मीडिया में वायरल, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लैलूंगा विकासखंड के आख़िरी छोर पर बसे ग्राम पंचायत तोलमा के लारीपारा प्राथमिक शाला में जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जो नज़ारा सामने आया उसने शिक्षा विभाग की पोल खोलकर रख दी। स्कूल में दो शिक्षक पदस्थ तो हैं, लेकिन मौके पर एक भी शिक्षक मौजूद नहीं था।
खाली स्कूल भवन देखकर उपाध्यक्ष सिदार का आक्रोश साफ़ झलक रहा था। ग्रामीणों ने भी मौके पर बताया कि यह स्थिति कोई नई नहीं है, अक्सर दोनों शिक्षक बिना सूचना गायब रहते हैं। बच्चे रोज़ाना बिना पढ़ाई के लौट जाते हैं।
सोशल मीडिया पर आग
निरीक्षण का यह वीडियो और तस्वीरें देखते ही देखते सोशल मीडिया में वायरल हो गईं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसे लापरवाह शिक्षकों पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही? शिक्षा जैसे संवेदनशील विभाग की लापरवाही बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद स्थिति जस की तस है। “बच्चे स्कूल आते हैं लेकिन गुरुजी नहीं आते, आखिर हम किसके भरोसे बच्चों की पढ़ाई कराएँ?” – यह सवाल ग्रामीणों के आक्रोश को दिखाता है।
प्रशासन पर दबाव
दीपक सिदार ने मौके से ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर सख़्त नाराज़गी जताई और तत्काल जांच कर कार्यवाही करने की चेतावनी दी। उनका कहना है कि लैलूंगा विकासखंड के दूरस्थ अंचल के बच्चों को शिक्षा से वंचित करना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब देखना यह है कि इस वायरल बवाल के बाद शिक्षा विभाग नींद से कब जागेगा और लापरवाह शिक्षकों पर क्या कार्यवाही होगी।
गांव में औचक निरीक्षण का यह बवाल सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक गूंज रहा है। ग्रामीण उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस बार विभाग नींद से जागे और बच्चों का भविष्य दांव पर लगाने वाले शिक्षकों पर कठोर कार्यवाही हो।
दीपक सिदार के तेवर साफ संकेत दे रहे हैं कि इस बार मामले को हल्के में लेना मुश्किल होगा। अब सबकी निगाहें विभाग की अगली कार्यवाही पर टिकी हैं।
संदेश साफ है – “गुरुजी ड्यूटी पर लौटें, वरना गाज गिरनी तय है!”







