कुंजारा में माली प्रशिक्षण का धमाकेदार समापन
आम-बेर-गुलाब से लेकर मशरूम तक, 30 प्रशिक्षार्थियों को मिला आधुनिक बागवानी का मास्टर क्लास
लैलूंगा विकासखंड के कुंजारा स्थित शासकीय उद्यान रोपणी में दिनांक 27 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत आयोजित माली प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य समापन किया गया। यह कार्यक्रम क्षेत्र के माली प्रशिक्षार्थियों के लिए नई तकनीकों और आधुनिक बागवानी ज्ञान का अद्भुत अवसर साबित हुआ, जिसमें कुल 30 माली प्रशिक्षार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षार्थियों को फल-फूल उत्पादन एवं पौध संरक्षण की अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान आम में ग्राफ्टिंग, बेर में टॉप वर्किंग, गुलाब में बडिंग, पौधों में ट्रेनिंग-प्रूनिंग, गमलों की पॉटिंग-डिपॉटिंग, निदाई-गुड़ाई, पौधों में खाद एवं दवा डालने की विधि, टमाटर-बैंगन में ग्राफ्टिंग, साथ ही मशरूम उत्पादन एवं जैविक खाद व जैविक दवा निर्माण जैसी उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गई।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर के रूप में कृषि विज्ञान केंद्र रायगढ़ से वैज्ञानिक एवं विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. कन्हैया लाल पटेल, प्रक्षेत्र प्रबंधक नील कमल पटेल, तथा कृषि विज्ञान केंद्र डूमरबहार जशपुर से विषय वस्तु विशेषज्ञ प्रदीप कुजूर उपस्थित रहे। इन विशेषज्ञों ने उद्यानिकी के क्षेत्र में रोजगार, आयवर्धन एवं वैज्ञानिक खेती के महत्व को विस्तार से समझाया और प्रशिक्षार्थियों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भी खास बना दिया। इस अवसर पर रमेश पटनायक (पूर्व अध्यक्ष भाजपा मंडल लैलूंगा), ललित यादव (जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा भाजपा रायगढ़), रामेश होता (अध्यक्ष भाजपा मंडल राजपुर), ललित प्रधान (पूर्व उपाध्यक्ष भाजपा मंडल लैलूंगा), पुष्पांजलि पैंकरा (BDC), श्रीमती सुषमा भगत (सरपंच कुंजारा) सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उद्यानिकी विभाग लैलूंगा से श्रीमती कविता पैंकरा (ग्रामीण RHEO प्रभारी उद्यान अधीक्षक), संदीप केरकेट्टा (ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी), अनमोल चौहान, माली शुभूचरण पैकरा, प्रमिला सहित अन्य कर्मचारी एवं प्रशिक्षार्थी मौजूद रहे।
समापन अवसर पर प्रशिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। विशेषज्ञों ने भी आशा व्यक्त की कि इस तरह के प्रशिक्षण से क्षेत्र में बागवानी का विस्तार होगा और किसानों एवं मालियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
कुंजारा में आयोजित यह माली प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल बागवानी क्षेत्र में तकनीकी क्रांति का संकेत है, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव भी साबित हो रहा है।








