रायपुर /छत्तीसगढ़

हाईलाईट :
- 23 फरवरी से छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र प्रारंभ
- 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी पेश करेंगे वर्ष 2026-27 का बजट
- 20 मार्च तक कुल 15 बैठकें प्रस्तावित
- सत्ता और विपक्ष ने रणनीतिक बैठकों का दौर किया तेज
- रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा फोकस
छत्तीसगढ़ में आम बजट के बाद अब प्रदेश बजट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 23 फरवरी से शुरू हो रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसमें सरकार की नीतियों और आगामी वर्ष की प्राथमिकताओं का खाका रखा जाएगा। 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करेंगे। यह सत्र 20 मार्च तक चलेगा और कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। प्रश्नकाल, शून्यकाल और विधेयकों पर चर्चा के दौरान सदन में गंभीर विमर्श के साथ-साथ तीखी बहस की संभावना भी जताई जा रही है।
सत्ता-विपक्ष की रणनीति और बैठकों का दौर
बजट सत्र से पहले राजनीतिक सरगर्मी साफ दिखाई दे रही है। 21 फरवरी को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शंकर नगर स्थित अपने शासकीय निवास में पत्रकार वार्ता बुलाई है, जिसमें सत्र की कार्यवाही और व्यवस्थाओं की जानकारी दी जाएगी। वहीं 22 फरवरी को नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भाजपा विधायक दल की बैठक विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होगी। दूसरी ओर 23 फरवरी को कांग्रेस विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के नेतृत्व में आयोजित होगी, जिसमें महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की जाएगी।
विकास रोडमैप बनाम जनअपेक्षाएँ
सरकार का दावा है कि 2026-27 का बजट केवल आय-व्यय का विवरण नहीं बल्कि वर्ष 2047 के विजन को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक विकास का रोडमैप होगा। रोजगार सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, औद्योगिक विस्तार और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिए जाने की बात कही जा रही है। वहीं विपक्ष इसे जनता की अपेक्षाओं की कसौटी पर परखने की तैयारी में है। बजट सत्र से पहले की सक्रियता संकेत दे रही है कि सदन में सियासी घमासान तेज रहेगा, और यह सत्र प्रदेश की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।







