
लैलूंगा में “हिन्दू एकता मंच” का नवीन गठन, भव्यता से राम नवमी मानने का निर्णय
युवा जोश के साथ मंच तैयार
लैलूंगा। क्षेत्र में सामाजिक और धार्मिक एकजुटता को नई दिशा देने के उद्देश्य से “हिन्दू एकता मंच लैलूंगा” का भव्य गठन सम्पन्न हुआ। इस मौके पर नगर के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने इस पहल को और भी मजबूत बना दिया। कार्यक्रम में उत्साह ऐसा था कि हर तरफ “हिन्दू एकता – राष्ट्र शक्ति” के नारे गूंजते रहे।
समिति के गठन के दौरान सर्वसम्मति से संरक्षक मंडल में अशोक जैन, नटवर अग्रवाल, उमेश अग्रवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं अध्यक्ष पद की कमान नरेश नायक को दी गई, जिनके नेतृत्व में मंच को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की बात कही गई।
उपाध्यक्ष के रूप में महेंद्र अवस्थी ,आदित्य बाजपेयी, पवन मित्तल को जिम्मेदारी मिली है, जो संगठन को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएंगे। सचिव पद पर बोधराम प्रधान ,नीरज मित्तल गुलगुली को चुना गया, जबकि सह सचिव के रूप में नूतन प्रधान, रोहन यादव और अंजूदास महंत को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कोषाध्यक्ष पद पर भी मजबूत नेतृत्व तय किया गया है, जिससे संगठन की आर्थिक व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे। जिसमे आलोक असोधिया को सर्व सहमति से चुना गया।
इसके अलावा सदस्य के रूप में दिनेश यादव, विपुल अग्रवाल और चंद्रशेखर जायसवाल को शामिल किया गया है, जो जमीनी स्तर पर संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में हिन्दू समाज को एकजुट रहने की सबसे ज्यादा आवश्यकता है। मंच का उद्देश्य केवल धार्मिक कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा कार्य और युवाओं को सही दिशा देना भी रहेगा। आने वाले समय में मंच द्वारा विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और जनहित के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
नव नियुक्त अध्यक्ष नरेश नायक ने कहा कि “हिन्दू एकता मंच” किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे समाज का संगठन है, जो हर जरूरतमंद के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बढ़-चढ़कर इस मंच से जुड़ें और समाज को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। संरक्षक अशोक जैन ने हिन्दू समाज के सभी जाती,वर्ग, संस्था से अधिक से अधिक संख्या में सहभागी बनने और हिन्दू एकता का परिचय देने आह्वान किया है।
गठन समारोह के अंत में सभी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर समाज सेवा और संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया। लैलूंगा में इस नए मंच के गठन से सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसके प्रभाव को लेकर चर्चाएं भी जोरों पर हैं।








