होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का बड़ा फैसला: भारत समेत 5 देशों को राहत, लेकिन जंग का खतरा बरकरार…

ईराक /इजराईल /युद्ध /अपडेट

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के 27वें दिन एक अहम कूटनीतिक संकेत सामने आया है। ईरान ने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे “मित्र देशों” को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है। यह जानकारी ANI ने मुंबई स्थित ईरानी कॉन्सुलेट के हवाले से दी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया कि यह छूट सिर्फ उन देशों के लिए है जो ईरान के खिलाफ नहीं हैं, जबकि विरोधी देशों के लिए यह रणनीतिक समुद्री मार्ग अभी भी जोखिमपूर्ण बना हुआ है।

ईरान का संकेत: स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं, लेकिन शर्तों के साथ

ईरान पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि Strait of Hormuz पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है। मौजूदा हालात में ईरान “चयनात्मक पहुंच” की नीति अपना रहा है—यानी जिन देशों से उसके रिश्ते सामान्य या मित्रवत हैं, उन्हें राहत दी जा रही है। यह कदम सीधे तौर पर वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने और कुछ देशों के साथ रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश माना जा रहा है।

F/A-18 जेट गिराने का दावा और अमेरिका का खंडन

तनाव के बीच ईरान की सेना Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिकी F/A-18 Hornet फाइटर जेट को मार गिराया, जो हिंद महासागर में क्रैश हुआ। हालांकि, United States Central Command (CENTCOM) ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इस तरह के विरोधाभासी दावे जंग के “इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर” पहलू को भी उजागर करते हैं, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति मजबूत दिखाने की कोशिश करते हैं।

भारत के लिए 5 बड़े फायदे: राहत की सांस क्यों?

होर्मुज स्ट्रेट के आंशिक रूप से खुले रहने का भारत पर सीधा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा:

  • ऊर्जा सुरक्षा: भारत अपनी लगभग 85% तेल जरूरत आयात करता है, जिसमें 55-60% खाड़ी क्षेत्र से आता है।
  • सप्लाई चेन स्थिर: रोजाना करीब 50 लाख बैरल तेल की खपत बिना बाधा जारी रह सकेगी।
  • कीमतों पर नियंत्रण: जंग के कारण 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर गए तेल के दाम अब स्थिर हो सकते हैं।
  • इंश्योरेंस लागत में कमी: तनाव के दौरान जहाजों का बीमा 2-3 गुना महंगा हो गया था, अब इसमें राहत मिलेगी।
  • तेज डिलीवरी: मिडिल ईस्ट से भारत आने वाले जहाज 5–10 दिनों में सामान्य रूप से पहुंच सकेंगे।
ईरान का यह फैसला एक तरफ भारत जैसे देशों के लिए आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा की बड़ी राहत है, तो दूसरी तरफ यह संकेत भी देता है कि जंग अभी “पूर्ण अवरोध” की स्थिति तक नहीं पहुंची है। हालांकि, क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और दावे-प्रति-दावे यह साफ करते हैं कि हालात अब भी बेहद संवेदनशील हैं—और किसी भी समय स्थिति बदल सकती है।
चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
spot_img
spot_img

अपना न्यूज़ पोर्टल - 9340765733

spot_img
spot_img
spot_img

Recent Posts

ग्रामीण आजीविका को मिलेगा नया आधार, आधुनिक बकरी-मुर्गी पालन मॉडल से सशक्त होंगे ग्रामीण

पत्रकार हीरालाल राठिया लैलूंगा, रायगढ़ 7 ग्राम पंचायतों में स्वीकृत हुए आधुनिक बकरी पालन शेडरायगढ़, 13 जून 2026/ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, पशुपालकों...

CHHATTISGARH NEWS

महतारी वंदन eKYC के नाम पर शुल्क लेने वालों पर होगी कड़ी कार्यवाहीमहतारी वंदन eKYC निशुल्क है, पैसे वसूलने वालों के खिलाफ होगी कार्यवाहीeKYC...

हितग्राहियों से पैसे वसूलने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाहीमहतारी वंदन eKYC में किसी प्रकार का शुल्क न दें, वसूली करने वालों पर होगी सख्त...

RAIGARH NEWS

ग्रामीण आजीविका को मिलेगा नया आधार, आधुनिक बकरी-मुर्गी पालन मॉडल से सशक्त होंगे ग्रामीण

पत्रकार हीरालाल राठिया लैलूंगा, रायगढ़ 7 ग्राम पंचायतों में स्वीकृत हुए आधुनिक बकरी पालन शेडरायगढ़, 13 जून 2026/ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, पशुपालकों...