सूरजपुर/प्रतापपुर।
सूरजपुर जिले के विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत मदननगर में आयोजित संभाग स्तरीय आदिवासी सम्मेलन में सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुभाष परते का कल्याणपुर में आत्मीय स्वागत किया गया, वहीं मदननगर में ब्लॉक इकाई के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक नृत्य और महुआ फूल की माला से अतिथियों का भव्य अभिनंदन किया। कार्यक्रम की शुरुआत बेगा पुजारी द्वारा प्रकृति शक्ति के स्मरण के साथ की गई।
सम्मेलन में SECL द्वारा प्रस्तावित कोयला खनन परियोजना के तहत सूरजपुर जिले के 22 गांवों के संभावित विस्थापन को लेकर ग्रामीणों में गहरी चिंता और आक्रोश देखने को मिला। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र, पेसा कानून और वन अधिकार कानून लागू होने के बावजूद बिना ठोस योजना के मूल निवासियों को उजाड़ने की तैयारी की जा रही है। इसे विकास नहीं बल्कि विनाश करार देते हुए जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और जैव विविधता पर गंभीर संकट बताया गया।
हजारों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अपने भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष श्री सुभाष परते ने कहा कि यह केवल एक क्षेत्र की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की सामाजिक समस्या है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सर्व आदिवासी समाज पूरी मजबूती के साथ ग्रामीणों के साथ खड़ा है और किसी भी असंवैधानिक कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
कार्यक्रम में सोशल एक्टिविस्ट एवं जिला अध्यक्ष युवा प्रभाग बीपीएस पोया ने कहा कि यह लड़ाई केवल जमीन की नहीं, बल्कि अस्तित्व, पहचान और संस्कृति की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि “यदि गांव नहीं रहेगा तो शासन-प्रशासन का अस्तित्व भी नहीं रहेगा।” उन्होंने शासन-प्रशासन, SECL एवं संबंधित कंपनियों को चेतावनी देते हुए आदिवासी अधिकारों के हनन पर कड़ा विरोध जताया।
उन्होंने आगे कहा कि यह आंदोलन मदननगर से प्रतापपुर, जिला मुख्यालय सूरजपुर और राज्य की राजधानी रायपुर तक संवैधानिक तरीके से पूरी ताकत के साथ लड़ा जाएगा।
सम्मेलन में संभागीय अध्यक्ष युवा प्रभाग राजा क्षितिज सिंह, जिला अध्यक्ष डॉ. अमृत मरावी (सरगुजा), प्रांतीय संयुक्त सचिव आर.एन. टेकाम, सत्यप्रकाश पैकरा, जिला अध्यक्ष महिला प्रभाग विमला आगरे, माता सावित्री फुले महिला समिति की अध्यक्ष मीना गौतम, जंग साय सिंह पोया, मंजू संतोष मिंज, सरपंच प्रतिनिधि बाबूलाल सिंह पोया, ब्लॉक अध्यक्ष संफलाल सिंह पोया सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।








