प्रेस क्लब पत्थलगांव ने जारी किया निंदा प्रस्ताव
पत्थलगांव-ःजनसमस्या से जुडे एक मुददे को बताना युवक को भारी पड गया। विद्युत विभाग मे पदस्थ एक उच्च अधिकारी ने उसे फालतु पत्रकार जैसे शब्दो से संबोधित किया,जिससे मीडिया जगत मे काफी आक्रोश फैल गया। पत्थलगांव प्रेस क्लब ने तत्काल आपात बैठक बुलाकर विद्युत अधिकारी द्वारा कहे गये शब्दो की निंदा करते हुये निंदा प्रस्ताव जारी कर दिया। जनसमस्या से जुडे मुददे पर पाकरगांव निवासी साधना न्यूज के पत्रकार हरि जायसवाल ने दो दिन पहले विद्युत विभाग के डी सजेन्द्र मरकाम से बिजली समस्या को लेकर बात की थी। हरि जायसवाल द्वारा लंबेे समय से पाकरगांव मे बिजली की समस्या से उन्हे अवगत कराया गया जा रहा था,परंतु अनैतिक शब्दो का इस्तेमाल करते हुये विद्युत विभाग के अधिकारी ने उन्हे काफी खरीखोटी सुना दी। समस्या जानना छोडकर वे उल्टा समस्या बताने वाले युवक को ही भला बुरा कहने लग गये। अंत मे उस समय शब्द मर्यादा से बाहर हो गये जब जिम्मेदार अधिकारी ने युवक को फालतू पत्रकार कहकर संबोधित कर दिया,इस बात से युवक काफी व्यथित हुआ,उसने इस बात की शिकायत अपने सिरे से सुबे के मुखिया विष्णु देव साय के पास भी की है। उसके द्वारा पत्थलगांव प्रेस क्लब मे भी इस बात की लिखित शिकायत देकर अमर्यादित शब्दो का प्रयोग करने वाले विद्युत अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही कराने की बात कही है,जिस पर प्रेस क्लब के अध्यक्ष विजय त्रिपाठी द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुये दिन शुक्रवार की देर शाम प्रेस क्लब के पत्रकारों की आपात बैठक बुलाकर विद्युत विभाग के अधिकारी के खिलाफ पत्रकारों द्वारा निंदा प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें नगर के अनेक पत्रकार उपस्थित रहे। साथ ही प्रेस क्लब की ओर से इस बात की शिकायत सुबे के मुखिया,सी.ई.ओ छत्तीसगढ एवं विद्युत विभाग के अनेक उच्च अधिकारीयों के पास भी प्रेषित की गयी है। साथ ही ऐसे अधिकारी को तत्काल डिवीजन से हटाने की भी मांग की गयी है,क्योकि यह जिला राज्य के मुख्यमंत्री जी का गृह जिला है यहा ऐसे अधिकारियों की पदस्थापना होनी चाहिये जो राज्य सरकार के कार्य शैलियों का बखूबी क्रियान्वयन कर आम जनता को शासन की योजनाओं का लाभ दिला सके,क्योकि जशपुर जिले की जनता को मुख्यमंत्री जी ऊपर गर्व है कि उनके जिले के विधायक राज्य के मुखिया है।
उनका कहना था कि यदि जल्द शासन-प्रशासन इस मामले मे संज्ञान लेकर उक्त अधिकारी पर कार्यवाही नही करते है तो आने वाले दिनो मे मीडियाकर्मी एवं प्रेस क्लब द्वारा आंदोलन का रूख भी अपनाया जा सकता है,जिसकी समस्त जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी।।








