RTI की गूंज से मचा हड़कंप! लैलूँगा नगर पंचायत के अफसरों पर सूचना आयोग का बड़ा शिकंजा, 25 हजार जुर्माना और अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार

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भवन अनुज्ञा और अवैध निर्माण की जानकारी नहीं देने पर राज्य सूचना आयोग सख्त, तत्कालीन जनसूचना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस, CMO सहित अधिकारियों को 24 जुलाई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने के निर्देश।

रायगढ़/लैलूंगा। सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़ा लैलूंगा नगर पंचायत का एक मामला अब अधिकारियों के लिए भारी पड़ता नजर आ रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए तत्कालीन जनसूचना अधिकारी पर अधिकतम ₹25,000 तक के जुर्माने और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं प्रथम अपीलीय अधिकारी (तत्कालीन CMO) से भी जवाब तलब किया गया है।

मामला वर्ष 2022 में दायर एक आरटीआई आवेदन से जुड़ा है, जिसमें अपीलकर्ता उमेश अग्रवाल ने नगर पंचायत लैलूंगा में भवन नियमितीकरण, भवन अनुज्ञा, निर्माणाधीन भवनों और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माणों पर की गई कार्रवाई से संबंधित जानकारी मांगी थी। आरोप है कि निर्धारित समय में न तो पूरी जानकारी दी गई और न ही प्रथम अपील का विधिवत निराकरण किया गया।

सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयोग ने यह भी पाया कि जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा आयोग एवं आवेदकों को भेजे गए पत्रों में नाम और पदनाम तक अंकित नहीं किए गए, जबकि सामान्य प्रशासन विभाग के स्पष्ट निर्देश इसके लिए पहले से जारी हैं। आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही माना।

आयोग ने तत्कालीन जनसूचना अधिकारी अमित एक्का (तत्कालीन उप अभियंता) को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि सूचना देने में हुई देरी पर सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 20(1) के तहत ₹250 प्रतिदिन की दर से अधिकतम ₹25,000 का जुर्माना क्यों न लगाया जाए। साथ ही धारा 20(2) के तहत विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।

वहीं तत्कालीन प्रथम अपीलीय अधिकारी सी.पी. श्रीवास्तव (तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी) से भी जवाब मांगा गया है कि प्रथम अपील का निराकरण नहीं करने और आयोग को जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति क्यों न की जाए।

आयोग ने वर्तमान जनसूचना अधिकारी गौरव अग्रवाल (उप अभियंता) को निर्देश दिया है कि उपलब्ध जानकारी के संबंध में अपीलकर्ता को शपथपत्र भेजें तथा उसकी प्रति आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें।

राज्य सूचना आयोग ने सभी संबंधित पक्षों—वर्तमान जनसूचना अधिकारी, तत्कालीन जनसूचना अधिकारी, तत्कालीन प्रथम अपीलीय अधिकारी तथा अपीलकर्ता—को 24 जुलाई 2026 को दोपहर 12:00 बजे रायगढ़ एनआईसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग केंद्र में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

अब इस मामले पर सभी की नजरें 24 जुलाई की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अधिकारियों के जवाब के आधार पर आयोग आगे की कार्रवाई तय करेगा।

चंद्रशेखर जायसवाल
चंद्रशेखर जायसवाल
OWNER/EDITOR - CHANDRASHEKHAR JAISAWAL Mo.-9340765733
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