
बिलासपुर – सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से राज्य सूचना आयोग के निर्देशानुसार संभागायुक्त कार्यालय, बिलासपुर में 4 एवं 5 अगस्त को दो दिवसीय संभागस्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बिलासपुर संभाग के सभी आठ जिलों से आए 40 अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया।कार्यशाला के प्रथम दिवस में सूचना का अधिकार अधिनियम की प्रमुख धाराओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। दूसरे दिवस में आरटीआई आवेदनों के ऑनलाइन निराकरण, केंद्रीय सूचना आयोग एवं राज्य सूचना आयोग के महत्वपूर्ण निर्णयों तथा अधिनियम के व्यावहारिक पहलुओं पर जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान एसएलएमटी एवं डीएलएमटी के प्रशिक्षकों द्वारा आरटीआई की विभिन्न धाराओं पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अपने-अपने जिले एवं विकासखंड स्तर पर इसी प्रकार के प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।कार्यशाला में संभागायुक्त कार्यालय से उपायुक्त डॉ. स्मृति तिवारी, हरिशंकर चौहान, डॉ. आराध्या कुशवाह तथा लेखाधिकारी सुजाता पाण्डेय ने आरटीआई आवेदनों के निराकरण के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों एवं उनके समाधान से संबंधित अपने अनुभव साझा किए। समापन अवसर पर संभागायुक्त सुनील जैन ने सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरे संभाग में व्यापक प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यशाला के सफल आयोजन पर सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत बनाने में सूचना का अधिकार अधिनियम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।








