जिला चिकित्सालय रायगढ़ में विशेष शिविर आयोजित, 42 मरीजों की जांच और 34 पात्र मरीजों को मिले दिव्यांगता प्रमाण पत्र
रायगढ़, 11 अगस्त 2026/ सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चों एवं मरीजों को समय पर जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, उपचार तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय रायगढ़ में विशेष सिकल सेल स्वास्थ्य जांच एवं सामाजिक कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। जिला स्वास्थ्य विभाग रायगढ़ द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित इस शिविर में मरीजों को स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण से जुड़ी विभिन्न सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गईं। शिविर में 1 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों सहित कुल 42 मरीजों की जांच की गई, जबकि 34 पात्र मरीजों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
स्क्रीनिंग में सिकल सेल रोग एवं वाहक की हुई पहचान, मरीजों को दिया गया आवश्यक परामर्श
शिविर में सिकल सेल रोग एवं वाहक की पहचान के लिए आवश्यक स्क्रीनिंग की गई। चिन्हित बच्चों एवं उनके अभिभावकों को बीमारी से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। जरूरत के अनुसार मरीजों को आगे की जांच, नियमित उपचार एवं फॉलो-अप के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा गया। विशेषज्ञों ने बताया कि सिकल सेल एक आनुवंशिक रक्त संबंधी बीमारी है, जिसकी समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण है। सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवाओं का सेवन, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित पोषण तथा नियमित फॉलो-अप आवश्यक है। समय पर पहचान एवं निरंतर उपचार से बीमारी के कारण होने वाली गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम करने में सहायता मिलती है। शिविर के दौरान बच्चों एवं अभिभावकों को सिकल सेल रोग के लक्षणों, जांच, उपचार एवं नियमित फॉलो-अप के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। बार-बार कमजोरी या थकान, शरीर में तेज दर्द, पीलापन, हाथ-पैरों में सूजन अथवा बार-बार स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करने की सलाह दी गई।
जांच से लेकर रेफरल और सामाजिक सुरक्षा तक एक ही स्थान पर मिली सेवाएं
शिविर में मरीजों की स्वास्थ्य जांच के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया गया। जिन मरीजों को आगे विशेषज्ञ जांच अथवा उपचार की आवश्यकता पाई गई, उन्हें उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ा गया तथा रेफरल एवं नियमित फॉलो-अप की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सामाजिक सुरक्षा को भी शिविर का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। पात्र मरीजों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र संबंधी प्रक्रिया पूरी करने में सहयोग किया गया। शिविर में 34 पात्र मरीजों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इससे पात्र मरीजों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
नियमित उपचार और फॉलो-अप पर दिया गया जोर
विशेषज्ञों ने प्रभावित बच्चों एवं उनके अभिभावकों से संवाद करते हुए बताया कि सिकल सेल की पहचान होने के बाद नियमित उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं से लगातार जुड़े रहना जरूरी है। बीमारी के दौरान किसी प्रकार की गंभीर समस्या अथवा असामान्य लक्षण दिखाई देने पर उपचार में देरी न करते हुए तत्काल स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करने की सलाह दी गई। अभिभावकों को बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, चिकित्सकीय सलाह का पालन करने तथा उपचार एवं फॉलो-अप बीच में नहीं छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सिकल सेल रोग को लेकर व्याप्त भ्रांतियों एवं भेदभाव को दूर करने तथा प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को आवश्यक सहयोग देने का संदेश दिया गया।
विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य टीम ने किया मरीजों का परीक्षण
शिविर में जिला सिविल सर्जन डॉ. पटेल, जिला एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. जावेद, शिशु रोग विशेषज्ञ तथा जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। शिविर के सफल संचालन में सिविल सर्जन डॉ. पटेल, जिला एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. जावेद, सिटी प्रोग्राम मैनेजर डॉ. सोनाली मेश्राम, हॉस्पिटल कंसल्टेंट डॉ. देवेंद्र गुर्जर, डीपीएचएन सीमा बारेठ, जिला सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. सुमित मंडल, जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य टीम, ब्लॉक स्तरीय आरबीएसके टीमों तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
यूनिसेफ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट का रहा तकनीकी एवं समन्वय सहयोग
शिविर के सफल आयोजन में यूनिसेफ के हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. गजेन्द्र सिंह एवं उनकी टीम का तकनीकी सहयोग रहा। वहीं एमसीसीआर ट्रस्ट के डायरेक्टर डॉ. डी. श्याम कुमार एवं उनकी टीम ने शिविर के आयोजन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। जिला स्वास्थ्य विभाग रायगढ़, जिला चिकित्सालय रायगढ़, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के समन्वित प्रयासों से मरीजों को स्क्रीनिंग, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, दिव्यांगता प्रमाण पत्र संबंधी सहायता तथा आवश्यक रेफरल एवं फॉलो-अप सेवाओं से एक ही मंच पर जोड़ने का प्रयास किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों एवं नागरिकों से अपील की है कि सिकल सेल की समय पर जांच कराएं तथा सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चों का उपचार एवं नियमित फॉलो-अप बीच में न छोड़ें। समय पर पहचान, नियमित उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं से निरंतर जुड़ाव सिकल सेल से होने वाली जटिलताओं को कम करने तथा प्रभावित बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि शिशु रोग विशेषज्ञ और जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ के वास्तविक नाम मिल जाएं, तो उन्हें जोड़कर यह समाचार और अधिक आधिकारिक रूप में तैयार किया जा सकता है।






