रायगढ़, 13 अगस्त 2026। साइबर अपराधों से बचाव के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत घरघोड़ा पुलिस ने तिलाईपाली स्थित CISF कैंप में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू ने CISF अधिकारियों और जवानों को साइबर ठगी के बदलते तरीकों तथा उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी।

फर्जी KYC से डिजिटल अरेस्ट तक ठगी के तरीके
कार्यक्रम में फर्जी KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने का झांसा, बिजली कनेक्शन काटने की धमकी, फर्जी कूरियर पार्सल, OLX और ऑनलाइन खरीद-बिक्री के नाम पर ठगी, फर्जी निवेश एवं ट्रेडिंग एप, QR कोड और UPI फ्रॉड, फर्जी लोन एप, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, OTP और स्क्रीन शेयरिंग जैसे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया गया।
पुलिस ने समझाया कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, बैंक पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
UPI PIN से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
जवानों को बताया गया कि UPI PIN पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि भुगतान करने के लिए दर्ज किया जाता है। इसलिए किसी व्यक्ति के कहने पर पैसे प्राप्त करने के नाम पर UPI PIN डालने से बचना चाहिए।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराकर करते हैं ठगी
साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ के तरीके को लेकर भी विशेष रूप से जागरूक किया गया। अपराधी पुलिस, CBI, ED या अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते हैं और किसी अपराध में फंसाने अथवा गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे ट्रांसफर करवाने का प्रयास करते हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि पुलिस या कोई सरकारी जांच एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट कर बैंक खाते में पैसे जमा कराने का निर्देश नहीं देती। ऐसे कॉल आने पर घबराने के बजाय कॉल काटकर संबंधित विभाग से आधिकारिक माध्यम से संपर्क करना चाहिए।
अनजान लिंक और APK फाइल से रहें सावधान
पुलिस ने अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और WhatsApp अथवा अन्य माध्यमों से प्राप्त संदिग्ध APK फाइल इंस्टॉल नहीं करने की सलाह दी। ऐसी फाइलों के जरिए साइबर अपराधी मोबाइल का नियंत्रण हासिल कर बैंकिंग और निजी जानकारी तक पहुंचने का प्रयास कर सकते हैं।
AI आवाज और वीडियो से भी रहें सतर्क
कार्यक्रम में AI आधारित आवाज एवं वीडियो, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और परिचित बनकर पैसे मांगने वाले मामलों को लेकर भी सावधान किया गया। यदि कोई परिचित अचानक पैसे की मांग करता है तो उसके पुराने या वैकल्पिक नंबर पर कॉल कर वास्तविकता की पुष्टि करने की सलाह दी गई।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
साइबर ठगी होने की स्थिति में बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करने और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि ठगी के तुरंत बाद शिकायत करने से रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने या उसे फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।
रायगढ़ पुलिस द्वारा आम नागरिकों के साथ-साथ शासकीय विभागों, सुरक्षा बलों और विभिन्न संस्थानों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर डिजिटल सुरक्षा के प्रति लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।





