
आवेदन में लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद एसएसपी का बड़ा एक्शन—आरक्षक विजय कुशवाहा और सूरज प्रकाश भगत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
लैलूंगा/रायगढ़। लैलूंगा थाना से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पैसे की मांग करने, झूठे केस में फंसाने तथा प्रताड़ित करने जैसे गंभीर आरोपों को लेकर प्रस्तुत आवेदन के बाद रायगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना लैलूंगा में पदस्थ दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कार्यालय उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला रायगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आवेदक चंदन दास निवासी महिला कोठ, जिला सरगुजा ने आरक्षक सूरजनाथ उर्फ सूरज भगत एवं आरक्षक विजय कुशवाहा के विरुद्ध पैसे की मांग करने, झूठे मामले में फंसाने और प्रताड़ित करने संबंधी तथ्य प्रस्तुत किए थे।
आवेदन में लगाए गए आरोपों को पुलिस विभाग ने गंभीर प्रकृति एवं कदाचरण से संबंधित माना। आदेश में प्रथम दृष्टया पदीय दायित्वों के विपरीत कृत्य का प्रदर्शन किए जाने का उल्लेख करते हुए आरक्षक क्रमांक 865 विजय कुशवाहा एवं आरक्षक क्रमांक 74 सूरज प्रकाश भगत, थाना लैलूंगा, को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में रहेगा रायगढ़ रिजर्व सेंटर मुख्यालय
आदेश के मुताबिक निलंबन अवधि के दौरान दोनों आरक्षकों का मुख्यालय रक्षित केंद्र रायगढ़ निर्धारित किया गया है। साथ ही नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
आरोपों की जांच के बीच पुलिस विभाग का सख्त संदेश
दो पुलिसकर्मियों पर हुई इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि आवेदन में लगाए गए आरोपों की अंतिम सत्यता जांच एवं विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन प्रथम दृष्टया गंभीर आरोपों के आधार पर तत्काल निलंबन ने लैलूंगा थाना क्षेत्र में चर्चा तेज कर दी है।
अब बड़ा सवाल यह है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच में आगे क्या सामने आता है और विभागीय जांच के बाद दोनों आरक्षकों पर अगली कार्रवाई क्या होगी?








