
शराब के आरोप में हिरासत में लिए युवक की मौत से चांपा में बवाल, परिजनों ने पुलिस पर लगाए मारपीट के गंभीर आरोप सैकड़ों लोगों ने घेरा थाना, CCTV फुटेज से खुलेगा रात का राज? आरक्षक निलंबित, गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजन जांजगीर-चांपा। चांपा थाना में एक युवक की मौत ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। जिस युवक को पुलिस ने अवैध शराब बिक्री के आरोप में हिरासत में लिया था, अगली सुबह उसकी मौत की खबर सामने आई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग चांपा थाने के बाहर जमा हो गए। थाने का घेराव हुआ और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मृतक की पहचान मेंहदीपारा निवासी कुल्लू उर्फ शिव सहिस के रूप में हुई है।
तीन पकड़े गए… दो जेल गए, एक थाने में रह गया!
मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह पुलिस ने अवैध शराब बिक्री के मामले में कुल्लू उर्फ शिव सहिस सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया था। बताया जा रहा है कि इनमें से दो लोगों को जेल भेज दिया गया, लेकिन कुल्लू को थाने में ही रखा गया।
इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे मामले को सवालों के घेरे में ला दिया।
रातभर थाने में रखा… सुबह मौत!
मृतक के परिजनों का आरोप है कि कुल्लू को पूरी रात थाने में रखा गया और इस दौरान उसके साथ पुलिसकर्मियों ने मारपीट की। परिजनों का दावा है कि पुलिस की कथित मारपीट और प्रताड़ना के बाद युवक की मौत हुई।
क्या रातभर थाने में वास्तव में क्या हुआ था?
क्या युवक की तबीयत बिगड़ी थी?
क्या उसे समय पर इलाज मिला?
क्या हिरासत के दौरान उसके साथ मारपीट हुई?
इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
मौत की खबर मिलते ही थाने पर उमड़ा जनसैलाब
सुबह युवक की मौत की खबर जैसे ही परिजनों और स्थानीय लोगों तक पहुंची, आक्रोश भड़क उठा। बड़ी संख्या में लोग चांपा थाना पहुंच गए। कुछ ही देर में थाने के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई और थाना घेर लिया गया।
परिजनों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष जांच, CCTV फुटेज की जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
CCTV में कैद है ‘रात का सच’?
इस पूरे मामले में अब थाना परिसर में लगे CCTV कैमरे सबसे अहम कड़ी माने जा रहे हैं। परिजनों की मांग है कि हिरासत से लेकर युवक की मौत तक की पूरी अवधि की CCTV फुटेज सुरक्षित कर उसकी निष्पक्ष जांच की जाए।
यदि फुटेज उपलब्ध है और उसमें हिरासत के दौरान की पूरी गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं, तो इससे घटना की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
पुलिस ने आरक्षक को किया सस्पेंड
मामला गरमाने के बाद पुलिस विभाग ने आरक्षक क्रमांक 836 ईश्वरी राठौर को निलंबित कर दिया। पुलिस अधीक्षक के आदेश के मुताबिक, थाना चांपा के अपराध क्रमांक 478/26, धारा 34(2) आबकारी एक्ट के मामले में घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता बरतने के कारण आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र जांजगीर से संबद्ध किया गया है।
लेकिन…
“निलंबन नहीं, गिरफ्तारी चाहिए”—परिजनों की दो टूक
पुलिस की कार्रवाई के बावजूद मृतक के परिजन संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि केवल निलंबन कर मामले को शांत करने की कोशिश की जा रही है।
परिजन आरक्षक ईश्वरी राठौर की गिरफ्तारी और जेल भेजने की मांग कर रहे हैं। साथ ही वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं, ताकि यह सामने आ सके कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
अब सबसे बड़ा सवाल—कुल्लू की मौत का सच क्या है?
एक युवक पुलिस हिरासत में पहुंचा…
रात थाने में गुजरी…
और सुबह मौत की खबर सामने आई।
अब इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, CCTV फुटेज, थाने के रिकॉर्ड और प्रत्यक्ष साक्ष्यों की जांच बेहद महत्वपूर्ण होगी।
कुल्लू की मौत महज एक मौत है या हिरासत के दौरान हुई किसी गंभीर घटना का नतीजा—इसका जवाब जांच में सामने आएगा।
फिलहाल चांपा थाना सवालों के घेरे में है और मृतक के परिजन न्याय की मांग को लेकर कार्रवाई की प्रतीक्षा में हैं।








