मंदिर हसौद क्षेत्र के ढाबे में नगर पालिका अध्यक्ष व पार्षदों ने किया निरीक्षण, आबकारी और खाद्य विभाग से जांच कराने की मांग
आरंग। मंदिर हसौद क्षेत्र में संचालित एक फैमिली ढाबे में कथित तौर पर खुलेआम शराब बिक्री और शराब परोसे जाने की शिकायत को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी और पार्षदों ने 27 सितंबर 2026 को औचक निरीक्षण किया। जनप्रतिनिधियों ने निरीक्षण के दौरान शराब से संबंधित गतिविधियां देखे जाने का दावा करते हुए संबंधित विभागों से मामले की जांच की मांग की है।
निरीक्षण के दौरान शराब की बोतलें और गिलास मिलने का दावा
नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षदों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान ढाबा परिसर में शराब की कुछ बोतलें और गिलास दिखाई दिए। इस दौरान कुछ लोगों के शराब का सेवन करने की बात भी जनप्रतिनिधियों ने कही है।
जनप्रतिनिधियों ने यह भी दावा किया कि ढाबे में मौजूद महिला कर्मचारी द्वारा ग्राहकों को शराब परोसी जा रही थी। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
ढाबे में शराब परोसने की अनुमति पर उठाए सवाल
औचक निरीक्षण के बाद जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाया कि यदि ढाबे में शराब की बिक्री या उसे परोसने की गतिविधि संचालित हो रही है, तो इसके लिए किस प्रकार की अनुमति या लाइसेंस जारी किया गया है।
उन्होंने आबकारी विभाग के साथ खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से मौके पर पहुंचकर जांच करने की मांग की है।
लाइसेंस और दस्तावेजों की जांच की मांग
जनप्रतिनिधियों ने संबंधित फैमिली ढाबे के सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। इसमें शराब बिक्री अथवा शराब परोसने से संबंधित लाइसेंस, खाद्य लाइसेंस और अन्य जरूरी अनुमतियां शामिल हैं।
उनका कहना है कि यदि जांच के दौरान नियमों या लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
नियमों के अनुरूप संचालन पर जोर
नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षदों ने कहा कि नगर क्षेत्र में संचालित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित नियमों और संबंधित लाइसेंस की शर्तों के अनुसार ही अपनी गतिविधियां संचालित करनी चाहिए।
उन्होंने संबंधित विभागों से शिकायत की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ढाबे में शराब से जुड़ी गतिविधियां वैध अनुमति के तहत हो रही थीं या नहीं।
ढाबा सील करने की भी मांग
जनप्रतिनिधियों ने जांच पूरी होने तक संबंधित फैमिली ढाबे को सील करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि शिकायत पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो नगरवासियों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
अब पूरे मामले में आबकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा अन्य संबंधित विभागों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






