CG Electricity Bill Update: छत्तीसगढ़ में बिजली बिल का बकाया जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल बकाया भुगतान समाधान योजना की अवधि 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। योजना के तहत 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है, लेकिन पांच लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने अब तक बकाया राशि जमा नहीं की है। निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा सकती है।
Electricity Bill: पंजीयन के बाद भी बकाया जमा नहीं
प्रदेश में बिजली बिल के बकायादारों को राहत देने के लिए मार्च में मुख्यमंत्री समाधान योजना शुरू की गई थी। योजना की अवधि पहले 30 जून तक निर्धारित थी, जिसे बाद में सितंबर तक बढ़ाया गया। अब उपभोक्ताओं को बकाया भुगतान के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है।
शुरुआत में पंजीयन के लिए बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करना जरूरी था, जिसे बाद में घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया। योजना के तहत पंजीयन शुल्क और बकाया भुगतान से बिजली कंपनी को करीब 110 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं, उपभोक्ताओं के 770 करोड़ रुपये के सरचार्ज माफ किए गए हैं।
BPL Consumers: गरीब उपभोक्ताओं को मूल राशि में 75 प्रतिशत तक छूट
योजना में गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करने वाले उपभोक्ताओं को विशेष राहत दी गई है। जिन उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन 31 मार्च 2023 से पहले काटे जा चुके हैं, उन्हें सरचार्ज में पूरी छूट के साथ मूल बकाया राशि में भी 75 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है।
वहीं, सक्रिय कनेक्शन वाले बीपीएल उपभोक्ताओं को बकाया अवधि के आधार पर राहत दी गई है। पांच साल से अधिक पुराने बकाये पर मूल राशि में 75 प्रतिशत और एक से पांच साल के बकाये पर 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है।
APL Consumers: एकमुश्त भुगतान पर 10 प्रतिशत छूट
सामान्य यानी एपीएल वर्ग के उपभोक्ताओं को भी बकाया भुगतान में छूट का लाभ मिल सकता है। इसके तहत पूरी बकाया राशि एकमुश्त जमा करने पर मूल राशि में 10 प्रतिशत की छूट दी जाती है। तीन किस्तों में भुगतान करने पर 5 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। वहीं, छह किस्तों में भुगतान करने की सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन इसमें मूल राशि पर छूट नहीं मिलेगी।
31 दिसंबर तक भुगतान का मौका
मुख्यमंत्री बिजली बिल बकाया भुगतान समाधान योजना का उद्देश्य लंबे समय से लंबित बिजली बिलों का निराकरण करना और उपभोक्ताओं को राहत देना है। अब योजना की अवधि बढ़ने से बकायादारों को भुगतान के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पात्रता, छूट और भुगतान की शर्तों की पुष्टि बिजली वितरण कंपनी से कर लें और निर्धारित समयसीमा के भीतर बकाया राशि का निराकरण कराएं।






