लैलूंगा और धरमजयगढ़ विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित हुए शिविर, पात्र नागरिकों को फॉर्म-6 के जरिए नाम जुड़वाने की दी गई जानकारी
रायगढ़, 14 अक्टूबर 2026। भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में मतदाता सूची के सत्यापन और छूटे हुए पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए अक्टूबर माह में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित कर मतदाता सूची की जांच की जा रही है। साथ ही पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है।
लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के इन केंद्रों पर लगे शिविर
अभियान के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 15-लैलूंगा के सरडेगा, झगरपुर, लारीपानी, बगुडेगा, कंझारी, पाकरगांव, रेगड़ी, सारसमाल, मुकड़ेगा, अंगेकेला और कोडासिया स्थित मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर आयोजित किए गए।
धरमजयगढ़ में भी मतदाता जागरूकता अभियान
विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 19-धरमजयगढ़ के बरघाट कुमरता, जोगड़ा, बकरूमा, परसा, धरमजयगढ़, बायसी-1, पोड़ीछाल, छर्राटांगर, गेरसा, तिलाईपाली, सजापाली, चरखापारा और उदुड़ा स्थित मतदान केंद्रों पर भी शिविर लगाए गए। इन शिविरों के माध्यम से मतदाता सूची में दर्ज नामों के सत्यापन और पात्र नागरिकों के पंजीयन पर जोर दिया गया।
पुसौर में बीएलओ को दिया गया प्रशिक्षण
इसी क्रम में पुसौर में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें मतदाता सूची के सत्यापन, नए मतदाताओं के पंजीयन और अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने से संबंधित जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का पूर्व की मतदाता सूची से मिलान कर रहे हैं। जिन पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उन्हें फॉर्म-6 भरकर आवेदन करने की प्रक्रिया समझाई जा रही है। निर्धारित अर्हता तिथियों पर 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी नियमानुसार अग्रिम आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज होने की जांच अवश्य करें। यदि नाम दर्ज नहीं है, तो निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in या ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं।
इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे और सभी पात्र नागरिकों को मताधिकार का लाभ मिल सके।











