Chirayu Yojana: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित सात बच्चों के उपचार की व्यवस्था की गई है। सेवा संकल्प अभियान के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) की टीम ने बच्चों को रायपुर स्थित श्री बालाजी हॉस्पिटल भेजा है। यहां आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से उनका निःशुल्क उपचार किया जाएगा।
चार विकासखंडों में हुई बीमारी की पहचान
रायगढ़, 9 अक्टूबर 2026। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान तमनार विकासखंड के तीन, घरघोड़ा के दो, धरमजयगढ़ के एक और पुसौर के एक बच्चे में जन्मजात हृदय रोग की पहचान हुई। समय पर बीमारी का पता चलने के बाद बच्चों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए रायपुर भेजने की व्यवस्था की गई।

आयुष्मान भारत योजना से होगा निःशुल्क उपचार
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि चिरायु टीम नियमित रूप से बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करती है। कार्यक्रम का उद्देश्य जन्मजात बीमारियों सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर बच्चों को समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराना है।
बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पहल
सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को समय पर उपचार दिलाने के प्रयास कर रहा है। इस पहल से जरूरतमंद बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने और स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद
बच्चों को रायपुर भेजने के दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. भानु पटेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैकरा, जिला नोडल अधिकारी चिरायु डॉ. राजेश मिश्रा, चिरायु टीम-बी तमनार के डॉ. एस.के. सोनवानी, फार्मासिस्ट दिनेश साहू सहित विभिन्न विकासखंडों से आए चिरायु दल के कर्मचारी उपस्थित रहे।






