फिनाइल, हैंडवॉश, डिशवॉश और अगरबत्ती सहित कई उत्पाद तैयार कर बढ़ा रहीं कारोबार, दूसरी ग्रामीण महिलाओं को भी दे रहीं प्रशिक्षण
रायगढ़, 14 अक्टूबर 2026। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ महिलाओं को अपने हुनर को पहचानने और आजीविका के नए अवसर विकसित करने का मंच प्रदान कर रहा है। इसी पहल से जुड़कर रायगढ़ जिले के सिहा गांव की नीलांद्री बिसाल ने अपना व्यवसाय खड़ा किया है। आज वे खुद आजीविका अर्जित करने के साथ दूसरी महिलाओं को भी हुनर सिखाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
कई उत्पादों का निर्माण कर आगे बढ़ा रहीं कारोबार
सहारा महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य नीलांद्री बिसाल विभिन्न उपयोगी उत्पादों का निर्माण करती हैं। इनमें फिनाइल, हार्पिक, हैंडवॉश, डिशवॉश, सर्फ, साबुन और अगरबत्ती शामिल हैं। इस काम में उनके पति भी सहयोग करते हैं। दोनों मिलकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं, वहीं कुछ अन्य महिलाएं भी उनके साथ काम कर रही हैं।
प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से मिला आगे बढ़ने का अवसर
‘बिहान’ से जुड़ने के बाद नीलांद्री को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिला। इससे उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने और व्यवसाय शुरू करने का अवसर प्राप्त हुआ। अनुभव बढ़ने के साथ उन्होंने अलग-अलग उत्पाद तैयार करना शुरू किया और अपने काम को आगे बढ़ाया।
आज नीलांद्री केवल स्वयं आजीविका अर्जित नहीं कर रही हैं, बल्कि दूसरी महिलाओं को भी विभिन्न उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दे रही हैं। उनका प्रयास है कि ग्रामीण महिलाएं हुनर सीखकर आय के अवसर विकसित करें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने में योगदान दे सकें।
अपनी सफलता के साथ दूसरी महिलाओं को भी बना रहीं सशक्त
नीलांद्री के लिए सफलता का अर्थ केवल अपना व्यवसाय चलाना नहीं, बल्कि दूसरी महिलाओं को भी रोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़ना है। उनका मानना है कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं प्रशिक्षण, आपसी सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त कर अपनी क्षमताओं को पहचान सकती हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
नीलांद्री बिसाल कहती हैं, “बिहान योजना से जुड़कर मुझे अपने हुनर को पहचानने और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिला। आज मैं खुद आत्मनिर्भर बनी हूं और दूसरी दीदियों को भी आगे बढ़ने में सहयोग कर रही हूं। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ‘बिहान’ योजना को हृदय से धन्यवाद देती हूं।”
ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी नीलांद्री की यह पहल दर्शाती है कि प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और समूह के सहयोग से महिलाएं अपने कौशल को आजीविका का माध्यम बना सकती हैं और दूसरी महिलाओं के लिए भी आगे बढ़ने के रास्ते खोल सकती हैं।











