
जीवन कौशल, बाल अधिकारों और साइबर सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक
बिलासपुर। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर पोस्ट मैट्रिक शासकीय कन्या छात्रावास, बिलासपुर में यूनिसेफ समर्थित एडोलसेंट एंपावरमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम 12 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 65 छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसका उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, जीवन कौशल, लैंगिक समानता, बाल अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में समग्र शिक्षा विभाग, बिलासपुर की गेस्ट स्पीकर सुनीता पाण्डेय ने छात्राओं को जीवन कौशल, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, निर्णय लेने की क्षमता और लक्ष्य निर्धारण के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने, चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करने तथा अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान संवादात्मक एवं गतिविधि आधारित सत्र आयोजित किए गए, जिनमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक अपने विचार साझा किए। बालिकाओं को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण, साइबर सुरक्षा और लैंगिक समानता के विषय में जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें अपनी बात आत्मविश्वास के साथ रखने, अपने अधिकारों को समझने और भविष्य के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन चेतन यादव, जिला समन्वयक, बिलासपुर ने किया। इस अवसर पर छात्रावास की वार्डन पूनम गुप्ता द्वारा विशेष सहयोग, गेस्ट स्पीकर सुनीता पाण्डेय, यूनिसेफ समर्थित एडोलसेंट एंपावरमेंट प्रोजेक्ट की टीम, कुबेर डांसेना, बिल्हा ब्लॉक समन्वयक तथा अंजली साहू, तखतपुर ब्लॉक समन्वयक के द्वारा एक्टिविटी के साथ बाल सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर छात्राओं को जागरूक एवं वार्तालाब किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और समान अवसरों के महत्व का संदेश दिया गया। साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि प्रत्येक बालिका को अपनी प्रतिभा पहचानने, आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने के लिए समान अवसर मिलना चाहिए।











