पिछले खरीफ विपणन वर्ष की गड़बड़ियों पर कार्रवाई, 12 कर्मचारियों का भी किया गया तबादला; इस बार पारदर्शी धान खरीदी पर जोर
रायगढ़। आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए रायगढ़ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पिछले खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान उपार्जन में सामने आई अनियमितताओं, लापरवाही और किसानों के साथ दुर्व्यवहार के मामलों में कार्रवाई करते हुए चार कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, तीन कर्मचारियों को निलंबित करने के साथ 12 कर्मचारियों का स्थानांतरण भी किया गया है।
टोकन व्यवस्था में मनमानी और किसानों से दुर्व्यवहार के मामले
पिछले खरीफ विपणन वर्ष के दौरान धान खरीदी केंद्रों में टोकन व्यवस्था में मनमानी, किसानों के साथ दुर्व्यवहार और धान उपार्जन कार्य में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संबंधित सहकारी समितियों के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
जांच में दोषी पाए गए चार कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया गया है। इसके अलावा लापरवाही और अन्य मामलों में तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।
12 कर्मचारियों का स्थानांतरण, व्यवस्था सुधारने पर जोर
धान खरीदी केंद्रों में कामकाज को व्यवस्थित बनाने और आगामी खरीदी व्यवस्था में प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से 12 कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है। इन कार्रवाइयों के संबंध में प्रभारी उप आयुक्त, सहकारिता, जिला रायगढ़ द्वारा विधिवत आदेश जारी किए गए हैं।
इस बार धान खरीदी में पारदर्शिता पर रहेगा फोकस
जिला प्रशासन का उद्देश्य आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराना है। कार्रवाई के जरिए यह संदेश दिया गया है कि धान उपार्जन के दौरान लापरवाही, अनियमितता या किसानों के साथ अनुचित व्यवहार को गंभीरता से लिया जाएगा।
धान खरीदी का सीजन शुरू होने से पहले की गई इस कार्रवाई से संबंधित समितियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने तथा खरीदी केंद्रों पर व्यवस्था बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।











