कैबिनेट के बड़े फैसले: 11.50 लाख रेलकर्मियों को मिलेगा बोनस, सामाजिक सुरक्षा के लिए ₹53,428 करोड़ का प्रावधान
नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कैबिनेट बैठक में रेलवे कर्मचारियों, दिव्यांगजनों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसले लिए हैं। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन का परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस (PLB) देने की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही दिव्यांगजनों को पेंशन देने के नियमों में बदलाव और IDBI बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन से जुड़े फैसले भी सामने आए हैं।
रेलवे के करीब 11.50 लाख कर्मचारियों को मिलेगा 78 दिन का बोनस
कैबिनेट ने रेलवे के लगभग 11.40 से 11.50 लाख कर्मचारियों के लिए 78 दिन का परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस मंजूर किया है। इस पर करीब 2,009 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, रेलवे कर्मचारी त्योहारों के दौरान भी अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। वे रेलवे ट्रैक, ट्रेनों और वर्कशॉप में लगातार काम करते हुए यात्री सेवाओं और रेल संचालन को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार ने इस बोनस को कर्मचारियों के योगदान के सम्मान और त्योहारों के अवसर पर राहत के रूप में प्रस्तुत किया है।
दिव्यांगता की 40 प्रतिशत सीमा पर पेंशन का दावा, नियमों की पुष्टि जरूरी
कैबिनेट फैसलों से जुड़ी जानकारी में दावा किया गया है कि दिव्यांगजनों को पेंशन देने के लिए दिव्यांगता की न्यूनतम सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करने और जन्म से ही पात्रता देने का प्रावधान किया गया है।
हालांकि, पेंशन की पात्रता संबंधित योजना और लागू नियमों पर निर्भर करती है। इसलिए इस बदलाव को सभी दिव्यांगजनों पर लागू सामान्य पेंशन नियम मानने से पहले संबंधित सरकारी आदेश और योजना की आधिकारिक शर्तों की पुष्टि जरूरी है।
सामाजिक सुरक्षा के लिए ₹53,428 करोड़ का प्रावधान
सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने के उद्देश्य से 53,428 करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी दी है। इसका लक्ष्य जरूरतमंद और पात्र लोगों तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाना बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकार वर्ष 2031 तक इसके दायरे को व्यापक बनाने की दिशा में काम करना चाहती है।
IDBI बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन पर फैसला
कैबिनेट बैठक में IDBI बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन से जुड़ा फैसला भी बताया गया है। सरकार का तर्क है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विस्तार और भविष्य में विकास के अवसरों का लाभ उठाने के लिए वित्तीय क्षेत्र में पर्याप्त पूंजी और मजबूत संस्थागत व्यवस्था जरूरी है।
बैठक के दौरान देश की आर्थिक विकास दर का भी उल्लेख किया गया। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछली तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं के विकास दर संबंधी अनुमानों का जिक्र किया गया।
कर्मचारियों और सामाजिक सुरक्षा पर सरकार का जोर
रेलवे कर्मचारियों के बोनस, दिव्यांगजनों की पेंशन व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा और IDBI बैंक से जुड़े फैसलों को सरकार के आर्थिक एवं सामाजिक एजेंडे के महत्वपूर्ण हिस्सों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, पेंशन नियमों और बैंक पुनर्गठन से संबंधित प्रावधानों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित आधिकारिक अधिसूचनाओं का मिलान करना आवश्यक है।











