ग्रामीण महिलाओं को रकम दोगुनी करने और मोटे मुनाफे का दिया था झांसा, साइबर थाना पुलिस ने तमनार क्षेत्र में दबिश देकर पकड़ा; मोबाइल फोन जब्त
रायगढ़, 15 अक्टूबर 2026। शेयर मार्केट में निवेश कर कम समय में रकम दोगुनी करने और मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर ग्रामीण महिलाओं से कथित तौर पर 70 लाख 77 हजार 901 रुपये की ठगी करने के मामले में साइबर थाना रायगढ़ पुलिस ने मुख्य आरोपी मिनकेतन सिदार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को तमनार क्षेत्र में उसके गांव के पास से पकड़ा। उसके कब्जे से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किया गया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार महिला आरोपी मेनका सारथी से पूछताछ और बैंक लेनदेन से मिले सुरागों के आधार पर मुख्य आरोपी की भूमिका की जांच की।
निवेश पर रकम दोगुनी करने का दिया भरोसा
पुलिस के अनुसार, पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जतरी की हारा बाई निषाद सहित कई महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मेनका सारथी अपने मायके आने पर महिलाओं को शेयर मार्केट में निवेश से अच्छा मुनाफा मिलने की बात बताती थी। उसने अपने पति के साथ निवेश कर लाभ कमाने का दावा करते हुए महिलाओं को भी रकम लगाने के लिए प्रेरित किया।
शिकायत के मुताबिक, महिलाओं को भरोसा दिलाया गया कि कम समय में उनकी रकम दोगुनी हो जाएगी। ऐसा नहीं होने पर रकम दोगुनी लौटाने की गारंटी देने की बात भी कही गई। इस भरोसे में आकर महिलाओं ने नकद और ऑनलाइन माध्यम से रकम देना शुरू कर दिया।
दस महिलाओं से लाखों रुपये लेने की शिकायत
शिकायत में 6 अप्रैल 2025 से 24 अक्टूबर 2025 के बीच कई महिलाओं से बड़ी रकम लिए जाने का उल्लेख है। इनमें हारा बाई निषाद से 17.53 लाख रुपये, आरती सिदार से 3 लाख रुपये, अनिता निषाद से 17.24 लाख रुपये, दुजकुंवर यादव से 5 लाख रुपये, सुशीला निषाद से 1.80 लाख रुपये, मोहनमती सिदार से 3.30 लाख रुपये, मुन्नी बाई सारथी से 3.40 लाख रुपये, पुष्पा सिदार से 9 लाख रुपये, फुलबाई यादव से 3 लाख रुपये और विष्णु प्रिया निषाद से 7.50 लाख रुपये लेने की बात सामने आई है।
शिकायत के अनुसार, अन्य महिलाओं से प्राप्त रकम को मिलाकर कुल 70,77,901 रुपये निवेश के नाम पर लिए गए थे।
शुरुआत में लौटाया मुनाफा, बाद में भुगतान बंद करने का आरोप
पीड़ित महिलाओं के मुताबिक, शुरुआत में कुछ निवेशकों को मुनाफे की रकम लौटाई गई, जिससे उनका भरोसा बढ़ा। हालांकि, बाद में न तो कथित मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई। रकम लौटाने की मांग करने पर महिलाओं को पता चला कि उनका पैसा शेयर मार्केट में निवेश करने के बजाय निजी उपयोग में लिया गया है।
शिकायत में रकम वापस नहीं करने और शिकायत करने पर जेल भिजवाने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। कुछ महिलाओं ने निवेश के लिए बैंक से ऋण लेने की बात कही है, जिसकी किस्तें उन्हें अब स्वयं चुकानी पड़ रही हैं।
मेनका सारथी की गिरफ्तारी के बाद सामने आई मुख्य आरोपी की भूमिका
मामले की जांच के दौरान 22 जुलाई 2026 को साइबर थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 11/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) में मेनका सारथी, उसके पति अक्षय सारथी और मीरा सोनवानी के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया था।
पुलिस ने पीड़ित महिलाओं के बयान, बैंक खातों के लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। इस दौरान महिला आरोपी के तीन बैंक खातों में लाखों रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने 6 अक्टूबर को जिला सक्ती के ग्राम बरतुंगा में दबिश देकर मेनका सारथी को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में मेनका ने मिनकेतन सिदार से पहचान होने की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, जांच में मिनकेतन की कथित भूमिका सामने आई और उसे इस मामले का मुख्य आरोपी बताया गया। आरोप है कि निवेश के नाम पर रकम जुटाने की योजना में उसकी भूमिका थी। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका और पैसों के लेनदेन की भी जांच कर रही है।
तमनार क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी की तलाश के दौरान मिली जानकारी के आधार पर साइबर थाना की टीम ने तमनार क्षेत्र में दबिश दी और मिनकेतन सिदार को उसके गांव के पास से हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद अपराध में संलिप्तता से जुड़े साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मिनकेतन सिदार, पिता ब्रह्मा सिदार, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम आमगांव, थाना तमनार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किया है और बैंक खाते से संबंधित जानकारी भी जुटाई है।
अन्य आरोपियों की तलाश और जांच जारी
पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है और विवेचना जारी है। पुलिस बैंक खातों के लेनदेन, निवेश के नाम पर जुटाई गई रकम और कथित ठगी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।











