Giorgia Meloni Targets Violent Protesters: इटली इस वक्त प्रदर्शन और हिंसा की आग में जल रहा है, मिलान जैसे बड़े शहरों में दंगा आम हो चुका है. आनन फानन में इस देश की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने तत्काल एक नया कानून लागू कर दिया है, जो यंग प्रोटेस्टर्स को भी कड़ी सजा दे सकता है.
Italy Tightens Laws Against Rioters: इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने एक नया सुरक्षा आदेश मंजूर किया है. इसके तहत हिंसक प्रदर्शनकारियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है, नाबालिगों से जुड़े मामलों में पुलिस की पावर बढ़ाई गई हैं, और बच्चों की तरफ किए गए नुकसान के लिए उनके माता-पिता को आर्थिक रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा. ये फैसला मिलान और इटली के दूसरे शहरों में वीकेंड पर हुई झड़पों के बाद लिया गया है, जिनमें 100 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों के घायल होने की खबर है. इस दौरान कई दुकानों में लूटपाट हुई, दुकानों के सामने के हिस्से को नुकसान पहुंचाया गया और संपत्तियों में आग लगा दी गई.
हिंसक प्रदर्शनकारियों को 5 साल तक की जेल
20 अक्टूबर को इन उपायों का ऐलान करते हुए मेलोनी ने कहा कि राजनीतिक असहमति या आर्थिक शिकायतों के नाम पर हिंसा और तोड़फोड़ को सही नहीं ठहराया जा सकता. नए आदेश के तहत, 5 या उससे अधिक लोगों के समूह में हिंसक प्रदर्शनों में शामिल होने वाले व्यक्तियों को 5 साल तक की जेल और 22,500 डॉलर तक का जुर्माना हो सकता है. यदि प्रदर्शनकारी अपनी पहचान छिपाते हैं, दूसरों को घायल करते हैं, या सुनियोजित तरीके से तोड़फोड़ में शामिल होते हैं, तो उन पर और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. मेलोनी का तर्क है कि व्यवसायों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर हमले विरोध का जायज तरीका नहीं, बल्कि आपराधिक कृत्य हैं.
माता-पिता को चुकानी पड़ सकती है कीमत
इस कानून के तहत, उन माता-पिता पर आर्थिक जिम्मेदारी डाली गई है जिनके नाबालिग बच्चे सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं. अधिकारी क्षतिग्रस्त ट्रैफिक सिग्नल, बस शेल्टर और पुलिस वाहनों के लिए मुआवजे की मांग कर सकते हैं, जबकि प्रभावित दुकानों और कारों के मालिक कानूनी रास्ते से अपना दावा पेश कर सकते हैं. सरकार का कहना है कि इस प्रावधान का मकसद ये सुनिश्चित करना है कि तोड़फोड़ का पूरा आर्थिक बोझ करदाताओं और कारोबारियों को न उठाना पड़े.











