20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे शुरू होगी दशमी तिथि, 21 अक्टूबर को होगा समापन; 22 अक्टूबर को रखा जाएगा पापांकुशा एकादशी का व्रत
रायपुर। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी यानी दशहरा आज, मंगलवार 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना के साथ शस्त्र पूजन और रावण दहन की परंपरा निभाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि मंगलवार दोपहर 12:50 बजे से शुरू होकर बुधवार 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे तक रहेगी।
दशमी तिथि और प्रदोष काल के संयोग को देखते हुए इस वर्ष दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। मान्यता है कि विजयादशमी का दिन शुभ कार्यों और नई शुरुआत के लिए विशेष फलदायी होता है। इस दिन दोपहर में पूजा-अर्चना के बाद शाम को विभिन्न स्थानों पर रावण दहन के आयोजन किए जाएंगे।
दशहरा पूजा और विजय मुहूर्त का समय
दशहरा के दिन पूजा-अर्चना और शुभ कार्यों के लिए निर्धारित मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है। दिए गए पंचांग के अनुसार, पूजा और विजय मुहूर्त का समय इस प्रकार है।
- दशमी तिथि प्रारंभ: 20 अक्टूबर, दोपहर 12:50 बजे
- दशमी तिथि समाप्त: 21 अक्टूबर, दोपहर 2:11 बजे
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक
- अपराह्न पूजा का समय: दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक
- श्रवण नक्षत्र प्रारंभ: 19 अक्टूबर, दोपहर 3:38 बजे
- श्रवण नक्षत्र समाप्त: 20 अक्टूबर, शाम 6:02 बजे
रावण दहन का समय स्थानीय आयोजन और सूर्यास्त के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसलिए अपने शहर या आयोजन स्थल की समय-सारणी की पुष्टि करना उचित रहेगा।
दशहरा पर बन रहे शुभ योग
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस वर्ष दशहरा पर ग्रहों की स्थिति को विशेष माना जा रहा है। तुला राशि में सूर्य, बुध और शुक्र की युति से शुक्रादित्य और बुधादित्य योग बनने की बात कही गई है। इसके साथ ही रवि योग का संयोग भी बताया गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयादशमी पर शस्त्र पूजन, शक्ति की उपासना और नए कार्यों की शुरुआत करना शुभ माना जाता है। मंगलवार होने के कारण इस दिन हनुमान जी की पूजा और शक्ति आराधना का भी विशेष महत्व रहेगा।
22 अक्टूबर को रखा जाएगा पापांकुशा एकादशी का व्रत
दशहरा के बाद श्रद्धालु पापांकुशा एकादशी का व्रत रखेंगे। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे शुरू होगी। हालांकि, व्रत की तिथि सूर्योदय के समय विद्यमान तिथि के आधार पर निर्धारित होने के कारण पापांकुशा एकादशी का व्रत गुरुवार, 22 अक्टूबर को रखा जाएगा।
धार्मिक मान्यता है कि पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे।
विजयादशमी का संदेश यही है कि सत्य, धर्म और अच्छाई की अंततः जीत होती है। यह पर्व लोगों को बुराइयों का त्याग कर सदाचार और सकारात्मकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।











