महंगाई भत्ते पर सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं; कैबिनेट ने कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा को दी मंजूरी
रायपुर। दिवाली से पहले छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों की नजर महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी की संभावित घोषणा पर टिकी हुई है। कर्मचारियों के बीच महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है, हालांकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में डीए में बढ़ोतरी को लेकर फिलहाल कर्मचारियों का इंतजार बना हुआ है।
इसी बीच, राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारजनों को राहत देते हुए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया।
कर्मचारियों और परिवारों को मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा
कैबिनेट ने शासकीय सेवकों एवं उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। नई व्यवस्था के तहत पात्र कर्मचारियों और उनके आश्रितों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद कर्मचारियों को इलाज के समय अस्पताल में चिकित्सा खर्च का भुगतान स्वयं करके बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। चिकित्सा सुविधा के लिए पूर्व-अनुमोदन और दावों से संबंधित प्रक्रिया ऑनलाइन एवं डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी।
गंभीर बीमारी और आपात स्थिति में मिलेगी राहत
सरकार के इस निर्णय से विशेष रूप से गंभीर बीमारियों और आपातकालीन परिस्थितियों में कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। कैशलेस उपचार की व्यवस्था से तत्काल चिकित्सा खर्च जुटाने का दबाव कम हो सकता है और पात्र हितग्राहियों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
डीए बढ़ोतरी पर आधिकारिक घोषणा का इंतजार
महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत वृद्धि की संभावना को लेकर कर्मचारियों के बीच चर्चा है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए डीए में बढ़ोतरी को फिलहाल संभावित उम्मीद के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
कर्मचारियों की निगाहें राज्य सरकार की अगली घोषणा पर टिकी हैं। यदि महंगाई भत्ते में वृद्धि का निर्णय लिया जाता है, तो इससे कर्मचारियों के वेतन और महंगाई के असर से निपटने की उनकी क्षमता पर प्रभाव पड़ेगा। फिलहाल, कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी मिलना कर्मचारियों के लिए घोषित राहत है, जबकि डीए बढ़ोतरी पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।











