रायगढ़। जिले के दिव्यांगजनों को विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा विकासखंडवार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 30 अक्टूबर को घरघोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में शिविर लगाया गया, जहां 57 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने दिव्यांगजनों का प्रमाणीकरण एवं चिकित्सकीय परीक्षण किया।
कलेक्टर के निर्देश पर आयोजित हो रहे शिविर
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार तथा समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री शिवशंकर पांडेय के मार्गदर्शन में इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। शिविरों के माध्यम से दिव्यांगजनों की पहचान, पंजीयन, प्रमाणीकरण और आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, ताकि उन्हें यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध कराने में सुविधा हो।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने दी सेवाएं
घरघोड़ा में आयोजित शिविर में जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी सेवाएं दीं। टीम में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विमल पटेल, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक अग्रवाल, नेत्र सहायक श्री अर्जुन बेहरा, ऑडियोलॉजिस्ट डॉ. चक्रधर पटेल तथा फिजियोथेरेपिस्ट श्री ईश्वर प्रसाद खड़बंदे शामिल रहे।
शिविर के सफल संचालन में समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ समग्र शिक्षा विभाग की बीआरपी श्रीमती गुरुवारी भारद्वाज, स्पेशल एजुकेटर कु. संगीता पैंकरा एवं श्री नवीन कुमार जांगड़े, शिक्षक श्री संजय कुमार पैंकरा तथा सहायक शिक्षक श्री चंदन बघेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने दिव्यांगजनों की पहचान, आवश्यक जानकारी संकलन और पंजीयन प्रक्रिया में सहयोग किया।
पुसौर और खरसिया में भी हो चुका है पंजीयन
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इससे पहले जनपद पंचायत पुसौर में आयोजित शिविर में 249 तथा जनपद पंचायत खरसिया में 236 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया जा चुका है। इस तरह विकासखंडवार शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड की प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
3 और 5 नवंबर को फिर लगेगा शिविर
घरघोड़ा विकासखंड के दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए आगामी 3 नवंबर और 5 नवंबर 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पुनः प्रमाणीकरण एवं चिकित्सकीय परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। विभाग ने क्षेत्र के दिव्यांगजनों से इन शिविरों का लाभ उठाने की अपील की है।
कार्यक्रम के अंत में नशामुक्त भारत अभियान के तहत उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। दिव्यांगजनों तक पहचान पत्र और संबंधित सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विकासखंड स्तर पर आयोजित ये शिविर महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।











