रायगढ़, 4 नवंबर 2026। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें मसाला फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र रायगढ़ द्वारा लैलूंगा विकासखंड के 100 से अधिक किसानों को उन्नत धनिया बीज वितरित किया गया। किसानों को प्रति हितग्राही 5 किलोग्राम की दर से उन्नत प्रजाति का बीज उपलब्ध कराया गया।

छत्तीसगढ़ श्री चंद्रहासिनी धनिया प्रजाति का हुआ वितरण
यह वितरण कृषि महाविद्यालय में संचालित अखिल भारतीय समन्वित मसाला अनुसंधान परियोजना के आदिवासी उप योजना (टीएसपी) के अंतर्गत किया गया। इसके तहत किसानों को महाविद्यालय द्वारा विकसित धनिया की उन्नत प्रजाति ‘छत्तीसगढ़ श्री चंद्रहासिनी धनिया’ का आधार बीज प्रदान किया गया।
वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की दी जानकारी
शासकीय उद्यान रोपणी लैलूंगा में आयोजित कार्यक्रम में परियोजना के प्रमुख अन्वेषक डॉ. ए.के. सिंह ने किसानों को धनिया की वैज्ञानिक खेती के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बुवाई की विधि, फसल की गुड़ाई, रोगों से बचाव और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए अपनाई जाने वाली कृषि तकनीकों के बारे में बताया।
इस दौरान ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी कविता पैंकरा एवं संदीप केरकेट्टा ने धनिया के मसाला फसल के रूप में महत्व को समझाया। उन्होंने किसानों को इसकी खेती अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त करने और अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में जिला पंचायत रायगढ़ के उपाध्यक्ष दीपक सिदार, ललित यादव, सौभागी गुप्ता, चरणसिंह नाग एवं अमरसाय नाग सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।











