रायगढ़। पेंशनरों को जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए अब बैंक या सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान 5.0 के तहत पेंशनर फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का उपयोग कर अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर से घर बैठे ही जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकेंगे। इस सुविधा से बुजुर्ग और अन्य पेंशनभोगियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
फेस ऑथेंटिकेशन से आसान होगी प्रक्रिया
भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक आधारित डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र का 5.0 संस्करण जारी किया है।
इस तकनीक के माध्यम से पेंशनर अपनी पहचान का सत्यापन कर डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे उन्हें हर बार जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए बैंक या संबंधित कार्यालयों तक जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।
रायगढ़ में बैंकों को जारी किए गए निर्देश
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वरिष्ठ कोषालय अधिकारी रायगढ़ ने जिले के पेंशन भुगतान करने वाले बैंकों को पत्र जारी किया है। इसमें भारतीय स्टेट बैंक की चक्रधर नगर रायगढ़, धरमजयगढ़, घरघोड़ा और खरसिया शाखाओं सहित जिले के सभी पेंशन प्रदायक बैंकों के शाखा प्रबंधकों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैंक शाखाओं से पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र की सुविधा के बारे में जागरूक करने और अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया है।
अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश
वरिष्ठ कोषालय अधिकारी ने संबंधित बैंक शाखाओं से अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपेक्षा की है। साथ ही शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि जिले के अधिक से अधिक पेंशनर इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठा सकें और उन्हें घर बैठे सुविधाजनक एवं पारदर्शी पेंशन सेवाएं मिल सकें।











