✍️ स्वामी आत्मानंद स्कूल में अभिभावकों का बैठक हुआ संपन्न✍️

💥 शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही है शालाएं 💥








💫 अंग्रेजी मिडियम के प्राइमरी के बच्चों को नहीं मिली है पुस्तक 2 महीने बाद होगी परीक्षाएं 💫
सूरजपुर – शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए छग सरकार ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम एवं हिन्दी माध्यम स्कूल संचालन की है ताकि हर तबके के लोग अंग्रेजी माध्यम में पढ़ सके।जिले के चांदनी क्षेत्र बिहारपुर स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में आज अभिभावकों का बैठक बुलाया गया बैठक में अभिभावकों तथा शिक्षकों के द्वारा कई मुद्दे पर चर्चाएं हुई चर्चाएं में कई कमियां आई जिसमें मुख्य कमी शिक्षक एवं पुस्तक वितरण नहीं होने की कमी सामने आया। स्वामी आत्मानंद स्कूल के शिक्षकों ने बताएं की स्कूल में विषय अनुसार जो शिक्षक होना चाहिए वो नहीं है एक शिक्षक से एक ही विषय की पढ़ाई हो सकती है सभी कक्षाओं में समय देते ही समय समाप्त हो जाती है जिसे अधिकतर एक ही विषय की पढ़ाई हो पाती है। स्वामी आत्मानंद स्कूल अंग्रेजी माध्यम एवं हिन्दी माध्यम को दो पालीयों में होने से समय का सबसे बड़ा अभाव हो गया जिसे सभी विषयों की पढ़ाई नहीं हो पाती है दिया हुआ होम वर्क का जांच भी नहीं हो पाता है छात्र एवं छात्राओं को जो स्कुल समय में पर्याप्त समय जो मिलना चाहिए वो नहीं मिल पा रहा है। इंग्लिश मीडियम के मिडिल स्कूल में एक शिक्षक हैं मिडिल स्कूल में 3 कक्षाएं होती हैं तीन कक्षाओं में एक शिक्षक कैसे संचालित करवा सकता है कैसे पढा़ सकता है असंभव है । अंग्रेजी माध्यम के प्राइमरी कक्षा में भी शिक्षक नहीं है वहीं दूसरी ओर प्राइमरी के बच्चों को पुस्तक भी नहीं मिली है 2 महीने बाद परीक्षा प्रारंभ हो जाएगी। ऐसे में बच्चे क्या देंगे परीक्षा क्या लिखेंगे समझ से परे है ।पुस्तक नहीं मिला है तो पढ़ाई क्या हुआ होगा खुद समझ सकते हैं। छोटे छोटे बच्चे हल्ला मचा कर अपना समय व्यतीत करते हैं। बिहारपुर के नाम से शिक्षक ज्वाइनिंग नहीं लेते हैं लेते भी हैं तो लेने के बाद कुछ ही दिनों में ही वापस क्यों चले जाते हैं जब जाते हैं तो फिर वापस क्यों नहीं आते हैं जिसे शिक्षकों की कमी बनी हुई है ।लोग बिहारपुर क्षेत्र के नाम से डरते क्यों हैं काला पानी समझते हैं तब तो फिर वापस नहीं आते हैं ऐसे में स्थानिय शिक्षकों की भर्ती की जावे जो इस क्षेत्र में उपलब्ध रहे।स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम एवं हिन्दी माध्यम स्कूल में जो पर्याप्त सुविधाएं तथा संसाधन मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पा रही है। इस बैठक में लगभग 45 से 50 अभिभावकों ने छात्र हीत में एक पत्र जिला शिक्षा अधिकारी के नाम पर बनाया है पत्र में जल्द कमीयों को पुरा करने की मांग की है।







