सेंसेटिव मामला…..!
जनपद कार्यालय में हुए थप्पड़ कांड की गूंज,क्या आगामी विधानसभा चुनाव में दिखायेगा अपना असर..?


कोंडागांव – कोंडागांव जिला के जनपद कार्यालय केशकाल में गत दिवस जनपद के मुख्यकार्यपालन अधिकारी से अभद्र अपमानजनक दुर्व्यहार करते तमाचा मारने की चर्चा सुर्खियों पर है, क्योंकि आने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में भी विपक्ष इन मुद्दों को भुनाने की कोशिश करते नजर आएगा। बड़ी जनचर्चा यह रही कि कार्यालय के भीतर जनपद अधिकारी से अवांछनिय व्यवहार घटित होने के बाद जनपद अधिकारी व कार्यालय मे बैठे कर्मचारी को अंदर रखकर कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड जनपद पदाधिकारी बाहर बैठ गये , जिसकी जानकारी मिलने पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी तत्काल जनपद कार्यालय तो पहुंचे लेकिन, मामले पर किसी प्रकार का तत्काल कोई एक्शन लेने के बजाय वह भी बाहर ही बैठे नजर आए । इस बीच कुछ सरपंच तथा ग्रामींण भी कार्यालय पंहुचे वो भी वंहा का नजारा देखकर अचंभित रह गये, जिसके बाद मामला सुर्खियों के साथ नगर में चर्चा का विषय बन गया ,वही दबी जुबान लोग मामले पर चर्चा कर खुले तौर पर कुछ भी कहने से बचते नजर आए। सूत्रों की माने तो केशकाल तहसीलदार ने जनपद कार्यालय पंहुचकर कार्यालय में लगा ताला खुलवाया और फिर ” घर की बात घर मे रह जाये ” यह बेहतर होगा कहकर समझाईश देते दिखे,वहीं जनपद पदाधिकारियों से अपमानित प्रताडित होने के बाद वंहा के हालात से भयभीत जनपद अधिकारी ने भी मौन रहना ही बेहतर समझ मामले पर न चाहते हुए भी मौन साध लिया।
जनपद पदाधिकारियों से अप्रिय अवैधानिक व्यवहार के बाद पुलिस एवं प्रशासन के नाउम्मीद भरे हतोत्साहित करने वाले रवैय्ये से दहशतजदा अधिकारी ने मौन साधने को लाचार हो गया और मामला सेंसेटिव हो गया ।
सेंसेटिव क्या …. ?
इस वारदात के बाद ” सेंसेटिव ” को भी लेकर बहस आरंभ हो गया है । सेंसेटिव किस किस तरह के मामले को माना जाता है और सेंसेटिव मामले मे पुलिस तथा प्रशासन को किस तरह से कितना सेंसेटिव होना चाहिये ,अब भी केशकाल में जान चर्चा का विषय बना हुआ है







