पत्रकार हीरालाल राठिया लैलूंगा, रायगढ़

एक दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में बिलासपुर रेंज की फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट डीएसपी विद्या जौहर एवं टीम ने दिया प्रशिक्षण
घटनास्थल निरीक्षण, फिंगरप्रिंट संग्रहण, नेफिस डाटाबेस एवं एमसीयू संचालन की दी गई व्यवहारिक जानकारी
12 जून, रायगढ़ । पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर के दिशा-निर्देशन पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन पर आज पुलिस कंट्रोल रूम रायगढ़ में प्रशिक्षु उप निरीक्षकों एवं जिले के सभी थानों से चयनित एक-एक पुलिसकर्मियों के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान एवं तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपराध अनुसंधान से जुड़ी आधुनिक तकनीकों एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की विधियों में दक्ष बनाना था।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को थानों में घटित अपराधों से संबंधित घटनास्थल निरीक्षण की बारीकियों, फिंगरप्रिंट लेने की वैज्ञानिक पद्धति, घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के तरीके, मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट के प्रभावी उपयोग, राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) में आरोपियों की जानकारी की सही एंट्री तथा एमसीयू (MCU) के माध्यम से आरोपियों के आईरिस एवं फोटोग्राफ लेने की विधि की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
इस प्रशिक्षण के लिए संभागीय अंगुल चिन्ह विशेषज्ञ एवं उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती विद्या जौहर तथा उनकी टीम विशेष रूप से रायगढ़ पहुंची। डीएसपी जौहर द्वारा मिनी फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट के उपयोग का व्यवहारिक प्रदर्शन करते हुए एक-एक प्रशिक्षणार्थी को डेमो के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षणार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षण टीम द्वारा गिरफ्तार आरोपियों के सर्च स्लिप (फिंगरप्रिंट) लेने की प्रक्रिया, उसके तकनीकी मानकों तथा एनएएफआईएस डाटाबेस में आरोपियों के डाटा की त्रुटिरहित एंट्री करने के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही एमसीयू के माध्यम से आरोपियों के आईरिस एवं फोटोग्राफ संग्रहण की सही प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
उक्त प्रशिक्षण शिविर में जिला अपराध अभिलेख शाखा (DCRB) प्रभारी सहायक उप निरीक्षक संदीप गायकवाड़, नेफिस यूजर प्रभात प्रधान तथा फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट सुबोध सागर एवं दिलीप लकड़ा भी उपस्थित रहे और प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश
अपराधों के वैज्ञानिक अनुसंधान एवं तकनीकी दक्षता से ही गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित की जा सकती है। प्रत्येक पुलिसकर्मी को आधुनिक जांच तकनीकों में दक्ष बनाना हमारी प्राथमिकता है।







