
कलेक्टर के आदेश से राजस्व विभाग में व्यापक फेरबदल, घरघोड़ा-खरसिया-लैलूंगा-तमनार सहित कई तहसीलों में बदले गए जिम्मेदार अधिकारी
संपादक : चंद्रशेखर जायसवाल | Cglive24.co.in
रायगढ़। जिले के राजस्व प्रशासन में बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला। कलेक्टर रायगढ़ द्वारा जारी आदेश के तहत जिले के कई तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों का तबादला करते हुए नई पदस्थापनाएं की गई हैं। इस आदेश के बाद राजस्व महकमे में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
जारी आदेश के अनुसार श्री संदीप सिंह राजपूत को खरसिया से हटाकर तहसीलदार लैलूंगा बनाया गया है। वहीं लैलूंगा में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं प्रभारी तहसीलदार श्री उज्ज्वल पाण्डेय को नायब तहसीलदार खरसिया पदस्थ किया गया है।
इसी तरह श्री शिवम पाण्डेय को घरघोड़ा से तमनार, जबकि श्री मनोज कुमार गुप्ता को घरघोड़ा तहसीलदार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। श्रीमती वर्षा तिवारी को रायगढ़ से मुकडेगा तथा श्री हिमांशु सिंह को मुकडेगा से घरघोड़ा भेजा गया है।
खरसिया में विशेष व्यवस्था, एसडीएम को मिला आहरण-संवितरण का अधिकार
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि श्रीमती मोनल साय 04 जून 2026 से 01 सितंबर 2026 तक संतान पालन अवकाश पर रहेंगी। उनकी अनुपस्थिति में श्री उज्ज्वल पाण्डेय को खरसिया तहसीलदार का प्रभार सौंपा गया है।
साथ ही खरसिया तहसील कार्यालय का वित्तीय कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए नियमित तहसीलदार की पदस्थापना तक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खरसिया को आहरण एवं संवितरण का अधिकार प्रदान किया गया है।
लैलूंगा में नई उम्मीदें, जनता की निगाहें नए तहसीलदार पर
लैलूंगा में लंबे समय से राजस्व मामलों, सीमांकन, नामांतरण एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में नए तहसीलदार संदीप सिंह राजपूत की पदस्थापना को लेकर क्षेत्र में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नए अधिकारी लंबित मामलों के समाधान में कितनी तेजी दिखाते हैं।
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। राजस्व विभाग में हुए इस बड़े फेरबदल को जिले के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
“राजस्व विभाग में चली तबादला एक्सप्रेस, कई कुर्सियां बदलीं… अब देखना यह है कि नई तैनाती से जनता को राहत मिलती है या फाइलें फिर पुराने ढर्रे पर ही चलती हैं!”









