बिर्रा। संस्कार भारती जिला इकाई सक्ती एवं शारदा संगीत विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में बिर्रा स्थित आचार्य चाणक्य सभागार में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और भारतीय संस्कृति की गरिमा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए भागवताचार्य आचार्य पं. राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि गुरु के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। गुरु-शिष्य परंपरा सनातन धर्म की अमूल्य धरोहर है, जिसे भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण ने भी अपने जीवन में अपनाकर गुरु के महत्व को स्थापित किया।
कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार चतुर्वेदी, हरिराम जायसवाल, एकादशिया साहू, दिलीप कुमार पाण्डेय, मणीलाल कश्यप, अजय सराफ, डॉ. प्रियंका शुक्ला, धनेश मिश्रा, बी.एल. सागर एवं जितेन्द्र तिवारी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। शारदा संगीत विद्यालय के विद्यार्थियों ने ध्येय गीत और स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
अपने संबोधन में नवपदस्थ विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि संस्कार भारती अपने नाम के अनुरूप समाज में संस्कारों का संवर्धन कर रही है। उन्होंने कहा कि एक सच्चा गुरु शिष्य के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे नई दिशा देता है और गुरु का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता। उन्होंने अपने गुरुजनों का स्मरण करते हुए सभी के सहयोग से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने का संकल्प भी व्यक्त किया।
इस अवसर पर सभी अतिथियों का पुष्पमाला, श्रीफल एवं अंगवस्त्र से सम्मान किया गया। साथ ही आचार्य पं. राजेन्द्र शर्मा एवं पं. दिलीप पाण्डेय का वैदिक रीति से पाद पूजन एवं प्रक्षालन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन मनोज कुमार तिवारी ने किया।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पत्रकार जितेन्द्र तिवारी के नेतृत्व में पत्रकार संघ द्वारा नवपदस्थ विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार चतुर्वेदी का भी पुष्पमाला, श्रीफल एवं शाल भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में संगीत महाविद्यालय हसौद के गुरुजन, संस्कार भारती के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में सामूहिक गुरु पूजन एवं आरती के साथ समारोह का समापन हुआ।








