
रायगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रयासों से जिले के खनिज प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए जनहित के कार्यों को लगातार स्वीकृति प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से 15 करोड़ 85 लाख 60 हजार रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं से जिले के स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी तथा हजारों ग्रामीणों को बेहतर सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा।स्वीकृत कार्यों के अंतर्गत खरसिया विकासखंड के सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण और उन्नयन के लिए 88 लाख 81 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं धरमजयगढ़ विकासखंड के सिविल अस्पताल के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों के लिए 5 करोड़ 28 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त धरमजयगढ़, लैलूंगा, तमनार एवं घरघोड़ा विकासखंडों में मॉडल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेंटर भवनों के निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए 9 करोड़ 56 लाख 18 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं और बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध होगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा भी विस्तृत होगा।शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में लैलूंगा विकासखंड के ग्राम पंचायत कुर्रा में अतिरिक्त कक्ष सहित प्राथमिक शाला भवन के जीर्णोद्धार के लिए 3 लाख 48 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार ग्राम पंचायत चोरंगा के माध्यमिक शाला भवन के जीर्णोद्धार कार्य के लिए 9 लाख 13 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। डीएमएफ मद से स्वीकृत इन विकास कार्यों के क्रियान्वयन से खनिज प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाएं सुदृढ़ होंगी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा तथा क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।








