Odisha News: ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के बंडामुंडा थाना क्षेत्र में वरिष्ठ पत्रकार हरहर शम्भु कुमार चौधरी ने कथित उत्पीड़न, मारपीट और धमकी देने के मामले में पुलिस से शिकायत की है। उन्होंने कुछ स्थानीय व्यक्तियों और पुलिस अधिकारियों पर बच्चे के अपहरण के आरोप में फंसाने तथा मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच, कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।
बच्चे के अपहरण के आरोप से शुरू हुआ विवाद
बंडामुंडा, सुंदरगढ़। तिलकानगर सी-ब्लॉक निवासी पत्रकार हरहर शम्भु कुमार चौधरी के अनुसार, राजकुमारी चौधरी, कुछ स्थानीय व्यक्तियों और बंडामुंडा थाने में पदस्थ कुछ पुलिस अधिकारियों को कथित तौर पर पहले से जानकारी थी कि 3 मार्च 2021 से राजकुमारी चौधरी का बेटा अपने पिता प्रेमलाल चौधरी के साथ था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद उन पर बच्चे का अपहरण कर उसे बिहार स्थित अपने पैतृक आवास में छिपाकर रखने का आरोप लगाया गया। उन्होंने इस आरोप को गलत बताते हुए कहा कि इसके कारण उन्हें लंबे समय तक मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
चार पुलिस मामलों में फंसाने का आरोप
पत्रकार ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि उनके खिलाफ बंडामुंडा थाने में चार अलग-अलग मामले दर्ज कराए गए। शिकायत में इन मामलों का विवरण इस प्रकार दिया गया है:
- PS Case No. 35/2021 — 8 मार्च 2021
- PS Case No. 113/2021 — 20 अगस्त 2021
- PS Case No. 30/2022 — 21 फरवरी 2022
- PS Case No. 81/2022 — 8 मई 2022
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन मामलों के कारण उन्हें सामाजिक स्तर पर भी बदनामी झेलनी पड़ी। हालांकि, इन मामलों की वास्तविक पृष्ठभूमि और शिकायतकर्ता के आरोपों की पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड तथा न्यायिक दस्तावेजों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
घर और कार्यालय में प्रवेश रोकने तथा धमकी देने का दावा
हरहर शम्भु कुमार चौधरी ने आरोप लगाया है कि उनका मुख्य कार्यालय उनके आवास के एक हिस्से में स्थित है, लेकिन उन्हें अपने ही घर और कार्यालय में जाने से रोका गया। उनके अनुसार, उन पर दबाव बनाया गया कि जब तक वे बच्चे को वापस नहीं लाते, तब तक उन्हें घर में रहने नहीं दिया जाएगा।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि घर में प्रवेश करने पर उन्हें हत्या, हत्या के प्रयास, बलात्कार और मारपीट जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। पत्रकार ने इन घटनाओं को उत्पीड़न बताते हुए अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
शिकायत के साथ दस्तावेज प्रस्तुत करने का दावा
शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में कुछ दस्तावेज प्रस्तुत करने की बात कही है। इनमें राजकुमारी चौधरी के एक IA के पैरा 4 का उल्लेख है, जिसके अनुसार 3 मार्च 2021 को प्रेमलाल चौधरी अपने बेटे को लेकर बस्ती चले गए थे।
इसके अलावा, दैनिक जागरण में प्रकाशित एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, जिसमें केस संख्या 35/2021 के जांच अधिकारी लखिंदर मुर्मू के हवाले से बच्चे के अपने पिता के साथ लखनऊ में होने का उल्लेख किए जाने का दावा है। पत्रकार ने एसआई दिपुन दलई की एक जांच रिपोर्ट का भी हवाला दिया है, जिसके अनुसार उनका पैतृक आवास बिहार में है।
इन दस्तावेजों की वास्तविक सामग्री, प्रामाणिकता और मामले से उनकी प्रासंगिकता का स्वतंत्र सत्यापन किया जाना बाकी है।
निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
पत्रकार हरहर शम्भु कुमार चौधरी ने बंडामुंडा थानाध्यक्ष को आवेदन देकर संबंधित व्यक्तियों और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने, दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी शिकायतकर्ता के आरोपों और उनके द्वारा प्रस्तुत किए जाने का दावा किए गए दस्तावेजों पर आधारित है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया, शिकायत पर की गई कार्रवाई और संबंधित मामलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।






