दूसरी कक्षा के छात्र की अद्भुत याददाश्त और गणितीय प्रतिभा ने जीता अधिकारियों का दिल, बीईओ बसंत चतुर्वेदी एवं संकुल समन्वयक धीरज तंबोली ने थपथपाई पीठ
चांपा। प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती। इसे चरितार्थ कर दिखाया है शासकीय प्राथमिक शाला घोघरानाला, चांपा में अध्ययनरत दूसरी कक्षा के महज सात वर्षीय छात्र देवराज बर्मन ने।
नन्हे देवराज ने अपनी असाधारण याददाश्त और गणितीय प्रतिभा का ऐसा परिचय दिया कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी बसंत चतुर्वेदी भी आश्चर्यचकित रह गए।
दरअसल, देवराज बर्मन ने बीईओ बसंत चतुर्वेदी के सामने बिना रुके पूरे आत्मविश्वास के साथ 19 का पहाड़ा सुनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इतनी कम उम्र में पहाड़े को इस तरह याद रखना और धाराप्रवाह सुनाना उसकी मेहनत, लगन और सीखने की अद्भुत क्षमता को दर्शाता है।
छात्र की इस उपलब्धि से प्रभावित होकर बीईओ बसंत चतुर्वेदी एवं संकुल समन्वयक धीरज तंबोली ने देवराज का उत्साहवर्धन किया और उसकी पीठ थपथपाकर आगे भी इसी तरह मेहनत एवं लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि बच्चों में छिपी प्रतिभा को पहचानना और उसे प्रोत्साहित करना शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। छोटे बच्चों को उचित मार्गदर्शन, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और प्रोत्साहन मिले तो वे कम उम्र में ही उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
देवराज की इस छोटी-सी उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास से नन्हे विद्यार्थी भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। निश्चित रूप से देवराज की यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी











