,चौकापारा प्राथमिक पाठशाला के बच्चे पैरा पर बैठकर पढ़ने को हुए मजबूर इसके बाद जांच में पहुंचे विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री राम प्रधान







सूरजपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहार पुर के चौका पारा प्राथमिक पाठशाला भवन न होने के कारण पिछले 2 वर्षों से किराए के रूम में पढ़ा रही थी प्रधान पाठक सुश्री एस तिर्की किराया ना मिलने पर रूम मालिक ने रूम से किया था बेदखल प्रधान पाठक बच्चों को पैरा पर बैठाकर पढ़ाने को हुई मजबूर तो जांच में पहुंचे विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री राम प्रधान गौरतलब की बात यह है कि प्रधान पाठक यस तिर्की ने बताया कि पिछले 6 वर्षों से स्कूल भवन खंडहर से तब्दील है मरम्मत हेतु इसकी जानकारी उच्च अधिकारीयो को लगातार देते आई हूं इसके बाद भी अभी तक मरम्मत नहीं कराई गई बल्कि इसके 2 वर्ष पूर्व में जर्जर भवन को देखते हुए कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने स्कूल का छत को गिरवा दिए थे ग्राम पंचायत को मरम्मत कराने हेतु आदेश दिए गए थे इसके बावजूद आज तक मरम्मत नहीं कराई गई जिसकी वजह से 2 वर्षों से किराए के रूम में पढ़ाते आ रही थी प्रधान पाठक किराया ना मिलने की वजह से रूम मालिक ने अपने रूम में डबल ताला लगा दिया था जिस कारण पैरा पर बैठाकर पढ़ाने को हुई मजबूर इसके बाद जांच में पहुंचे विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री राम प्रधान लिपिक अजय कुमार विकासखंड परियोजना अधिकारी साक्षर भारत मोहब्बत महमूद नारायण प्रसाद शर्मा व्याख्याता जन शिक्षक सर्वश्री सियाराम बैय्श हरि शंकर ब्यास बैकुंठ प्रसाद गुप्ता शिव बरन गुप्ता राम प्रसाद सिंह प्रधान पाठक सुरेश कुमार गुप्ता की उपस्थिति में स्कूल भवन की निरीक्षण की गई निरीक्षण के दौरान यहां की परिस्थितियों को देखते हुए विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री राम प्रधान ने कहां जब तक यहां की स्कूल बन नहीं जाती यहां स्कूल ना लगा करके बालक छात्रावास में बच्चों को पढ़ाया जाए इतना सुनते ही ग्रामीणों ने भड़क उठे अधिकारी और ग्रामीणों के बीच जमकर हुई तानाशाही ग्रामीणों का कहना है की इस चौका पारा मैं हजारों की आबादी है इस बीच में एक ही प्राथमिक पाठशाला है एवं यहां से 500 मीटर की दूरी में बालक छात्रावास स्कूल है यहां प्राथमिक पाठशाला के छोटे-छोटे बच्चे हैं इतना दूर बच्चे पढ़ने नहीं जाएंगे क्लास लगाना है तो यही लगाया जाए या फिर सरकार के पास स्कूल बनवाने के लिए कोई बचत फंड नहीं है तो बच्चों का टीसी काट कर दीजिए हम लोग का बच्चे नहीं पढ़ेंगे ग्रामीणों के सवालों पर अधिकारियों ने झुके इसके बाद फिर से किराए वाले रूम में स्कूल खोलने को कहां उस पश्चात रूम मालिक कार्तिकेय गुप्ता से 13.1. 2023 से लेकर 20.12.2023तक स्कूल संचालन हेतु सहमति पत्र बनाई गई एवं जल्द से जल्द प्राथमिक पाठशाला भवन बनाने कि बात कही गई







