खुड़खुड़िया खेल चल रहा जोरों पर जिम्मेदार मौन, सरगना कौन?
कोंडागांव – इन दिनों कोंडागांव जिले के ग्रामीण इलाकों मे मेला मड़ाई का सीजन है लगातार क्षेत्र के गावों मे मड़ाई मेला संचालित हो रहा है वैसे तो बस्तर मे प्राचीनकाल से देव मेला ही होता है पर आजकल आधुनिकता के साथ मेला का स्वरूप भी थोड़ा बदलते जा रहा है गावों के मेला मे भी झूला से लेकर खिलौने और सभी प्रकार के जीवनउपयोगी चीजें उपलब्ध होती है पर इसी मेले मे भोलेभाले ग्रामीणों को चूसने की मशीन भी लगी होती है जिसे ग्रामीण भाषा मे खुड़खुड़िया या गपाखेल कहा जाता है जी हाँ ये भी एक जुआ है जो की ग्रामीणों द्वारा खिलाया जाता है जहाँ पर भोले भाले ग्रामीण जो की अपनी मेहनत की कमाई के चंद पैसे लेकर मेला घूमने आते हैँ पर पैसा को डबल करने के चक्कर मे खुड़ खुड़िया खेल वालों के झांसे मे आकर उस पैसे को भी गंवा बैठते हैँ ये खुड़खुड़िया खेल खिलाने वाले हमारे प्रान्त से भी नहीं होते पर स्थानीय कुछ लोगों के व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते मासूम ग्रामीण इनका शिकार बन बैठते हैँ ऐसा किसी एक गांव मे नहीं बल्कि जिले के अधिकांश मेला मे देखने को मिलता है चंद रुपयों के लालच मे गांव के प्रमुख लोगों द्वारा सांठ गांठ कर ग्रामीणों को अदृश्य रूप से लुटा जाता है बात यहीं नहीं रूकती जिस गांव के मेला मे यह खेल होता है यानि उस गांव से या उस क्षेत्र से साईकिल मोटर साईकिल चोरी होनी तय है अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय मे बड़ी घटना का कारण ये खुदखुड़िया खेल बन सकता है इस खेल का हमारे क्षेत्र मे पनपने का मुल कारण है स्थानीय स्तर के हमारे ग्राम प्रमुखों का स्वार्थ क्योंकि जिनकी जिम्मेदारी है वे खुद ही मौन हो तो दूसरा कोई क्या करें।समय रहते सभी अपने अपने गांव मे इस खेल का विरोध करें अगर इस प्रकार का खेल किसी मेला मे जारी हो तो संबंधित थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारी को इसकी शिकायत करें कार्यवाही नहीं होने की स्थिति ।
सुचना मिलने पर त्वरित कार्यवाही की जा रही है अगर कहीं खेला रहे तो पुलिस को सुचना करें कार्यवाही होगी
शोभराज अग्रवाल
एडिसनल एस पी कोंडागांव









