पत्थलगांव शैक्षिक समन्वयक की जांच में निष्पक्षता पर सवाल….

पत्थलगांव शैक्षिक समन्वयक की जांच में निष्पक्षता पर सवाल….

शैक्षिक समन्वयक की जांच में निष्पक्षता पर सवाल पत्थलगांव के तिलडेगा संकुल के समन्वयक लछमण मिरी द्वारा स्वच्छता सामाग्री के वितरण में गडबडी करते हुए सामाग्रियों का बंदरबाट किया गया है जिसका -प्रधान पाठकों के विरोध एवं बार-बार समाचार-प्रकाशित होने पर जांच किया गया, जिस पर प्रधान पाठकों के सवालिया निशान लगाया ‘है। प्रधानपाठकों की माने तो जांच के दौरान आरोपी समन्वयक मनमाफिक बयान देने हेतु प्रधान पाठको के पास प्रयास करते देखे गए जबकि आरोपी समन्वयक को जांच स्थल पर जाने की अनुमति ही नहीं थी जिससे जांच प्रभावित करने की बात सामने आ रही है। साथ इस समन्वयक द्वारा पूर्व के लिए लापरवाही एवं भ्रष्टाचार की जांच का आदेश शासकीय हाईस्कूल सुरेशपुर के प्राचार्य को ही जिम्मेदारी सौंपी जाती रही है। यहाँ फिर उन्हें ही जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई जिनके साथ उक्त समन्वयक के अच्छे संबंध है जिससे जांच प्रभावित होने की बात कही जा रही है। आपको बताते चले इस वर्ष सभी स्कूलों को तीन बार स्वच्छता सामाग्री वितरण की जिम्मेदारी समन्वयक को सौंपी गई थी किन्तु समन्वयक द्वारा समाचार प्रकाशित होने उपरांत 29 मार्च, 2023 केवल एक बार सामाग्री वितरण किया गया एवं अपने कर्तव्य का इतिश्री कर लिए। जांच के दौरान प्रधान पाठकों ने लिखित रूप में बयान दिया है कि उन्हें केवल 29 मार्च को एक बार सामाग्री प्रदान की गई है जिससे मामला पूरी तरह आईना की तरह साफ है इसके बावजूद मामले में भ्रष्ट समन्वयक को बचाने के प्रयास जारी है। अब देखना होगा कि इस मामले में विभाग दोषी समन्वयक पर कार्यवाही का डण्डा चलाते हैं अथवा लीपापोती कर छूट दी जावेगा । प्रधान पाठकों का कहना है कि जून २०२२ नवम्बर २०२२ को विकास खण्ड का na यदि विरोध न किया होता तो शायद सारी सामाग्री गायब कर दी गई होती। इतने समय बीतने उपरांत सामग्री वितरण करना अपने आप में भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रहा है