
विधायक शकुंतला पोर्ते का जाति प्रमाण पत्र मामला फिर टला; अधिवक्ता ने कहा—“20 साल पुराने प्रमाण पर सवाल उठाना अनुचित
समिति के क्षेत्राधिकार पर कड़ी आपत्ति, कलेक्ट्रेट में भारी भीड़—कई आरोप आज फिर रिकॉर्ड से खारिज
नरेंद्र मिश्रा/चंद्रिका कुशवाहा
बलरामपुर
विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र सत्यापन मामले की आज कलेक्ट्रेट में हुई सुनवाई फिर टल गई। इस दौरान विधायक की ओर से अधिवक्ता उदय राज सिन्हा उपस्थित हुए और समिति के समक्ष अनेक महत्वपूर्ण तर्क रखे। सबसे मुख्य आपत्ति समिति के क्षेत्राधिकार को लेकर दर्ज की गई, जिसे सुनकर समिति ने आवेदक पक्ष से जवाब मांगा। इस आधार पर अगली तिथि 11 दिसंबर निर्धारित की गई।
तीन पीढ़ियों से सरगुजा में निवासी—प्रमाण पत्र वैध और जांचपरक
अधिवक्ता सिन्हा ने कहा कि विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते की तीन पीढ़ियां अविभाजित सरगुजा में निवासरत हैं। उनका पूरा बचपन, पढ़ाई–लिखाई और सामाजिक जीवन यहीं बीता है। उन्होंने बताया कि विधायक पूर्व में सरपंच, जनपद सदस्य और जनपद उपाध्यक्ष पदों पर निर्वाचित रह चुकी हैं, जिससे उनकी सामाजिक और क्षेत्रीय पहचान बिल्कुल स्पष्ट है।
उन्होंने समिति को बताया कि विधायक का जाति प्रमाण पत्र वर्ष 2003 में सक्षम अधिकारी द्वारा पूरी जांच के बाद जारी हुआ था। “अब 20 वर्षों बाद इस तरह की शिकायत उठाना पूरी तरह अनुचित और विधिक रूप से कमजोर है,” उन्होंने कहा।
आरोप फिर खारिज, रिकॉर्ड ने दी स्पष्टता
आज की सुनवाई में भी आवेदक पक्ष द्वारा लगाए गए कई आरोप रिकॉर्ड के आधार पर निराधार पाए गए। आवेदक द्वारा यह दावा भी गलत साबित हो गया कि “विधायक नोटिस के बाद उपस्थित नहीं हो रहीं।”
रिकॉर्ड बताता है कि विधायक का प्रमाण पत्र अनुविभागीय अधिकारी वाड्रफनगर के डेरा पंजी में विधिवत दर्ज है। इस कारण “प्रमाण पत्र खुद से जारी” करने का आरोप भी आज फिर खारिज हो गया।
अधिवक्ता ने यह भी कहा कि 2013 से पहले जारी प्रमाण पत्र पिता और पति दोनों के नाम के आधार पर पूरी तरह वैध होता है।
कलेक्ट्रेट परिसर में भारी भीड़—तनाव के बाद माहौल शांत
सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में समाजजन, कांग्रेस पदाधिकारी और समर्थक उपस्थित थे। सुनवाई बढ़ाए जाने के बाद कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया और लोग सड़क पर उतरने को तैयार दिखे, लेकिन समिति द्वारा लिखित आदेश जारी होने पर भीड़ शांतिपूर्वक वापस लौटी।
पूर्व आयोग अध्यक्ष ने कहा कि जनता को गुमराह करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगली तिथि पर भी प्रगति नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
समर्थकों का विश्वास—सच्चाई और कानून हमारे साथ
दिनभर की हलचल के बावजूद समर्थकों का मनोबल मजबूत दिखाई दिया। उनका कहना था कि प्रमाण पत्र पूरी तरह वैध, दस्तावेज मजबूत और कानून उनके साथ है।









