
धमनी (रामचन्द्रपुर) में अग्नि सुरक्षा को लेकर परिक्षेत्र स्तरीय कार्यशाला आयोजित
नरेंद्र मिश्रा
बलरामपुर,
धमनी (रामचन्द्रपुर) वन परिक्षेत्र कैम्पस में वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) आलोक कुमार बाजपेई के निर्देशन में दिनांक 04.02.2026 को अग्नि सुरक्षा एवं वनों को अग्नि से बचाव के उपायों को लेकर परिक्षेत्र स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसके साथ ही 16.02.2026 से 15.06.2026 तक चलने वाले अग्नि सीजन के दौरान ग्रामीणों एवं आमजन को वनों में आग से बचाव हेतु लगातार जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यशालाओं का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में वनों में आग लगने के प्रमुख कारणों, आग से वन एवं वन्यजीवों को होने वाली अपूरणीय क्षति तथा इसके प्रभावी निदान के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही वनों में आग लगाने वालों के विरुद्ध वन अधिनियम में निहित दंडात्मक प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।
कार्यशाला के दौरान यह भी बताया गया कि महुआ पेड़ों के नीचे गिरे पत्तों की सफाई के दौरान ग्रामीणों द्वारा आग जला दी जाती है, जिससे कई बार आग अनियंत्रित होकर वनों में फैल जाती है और भारी नुकसान होता है। इस संबंध में ग्रामीणों से अपील की गई कि वे इस प्रकार की गलती न करें, क्योंकि इससे वनों एवं वन्यजीवों को गंभीर क्षति पहुँच सकती है। सभी से वनों को आग से बचाने में सहयोग करने का आग्रह किया गया।
इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, अग्नि प्रहरी, वन सुरक्षा श्रमिक, वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/सदस्य, हाथी मित्र दल, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यशाला के अंत में “वन है तो जीवन है” के संदेश के साथ वनों को आग से बचाने हेतु सामूहिक संकल्प लेकर कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस संबंध में डीएफओ आलोक कुमार बाजपेई ने कहा कि—
“वन हमारे जीवन की अमूल्य धरोहर हैं। थोड़ी-सी लापरवाही भी वनों और वन्यजीवों को भारी नुकसान पहुँचा सकती है। जनसहभागिता से ही हम अग्नि की घटनाओं को रोक सकते हैं। वन संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
वहीं वन परिक्षेत्र अधिकारी अजय वर्मा ने बताया कि—



“अग्नि सीजन में ग्रामीणों की जागरूकता सबसे अहम है। महुआ पेड़ों के नीचे सफाई के दौरान आग जलाना खतरनाक साबित हो सकता है। थोड़ी-सी सावधानी से हम वनों को बड़ी क्षति से बचा सकते हैं। वन विभाग ग्रामीणों के सहयोग से लगातार अभियान चला रहा है।”







